वार्ड वासी बोले, कब मिलेगी दूषित पानी से निजात
चरखी दादरी।
शहर के तीस फीसदी क्षेत्र में पिछले काफी समय से दूषित पानी की सप्लाई होने से रोष है। लोगों का आरोप है कि उन्होेंने दूषित पानी की समस्या के संबंध में विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका कारण सालों पहले डाले गए सीमेंटेड लाइन का क्षतिग्रस्त होना भी है। शहर के आधा दर्जन वार्ड इस समय दूषित पेयजल सप्लाई से परेशान है लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। विभागीय लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर के वार्ड नंबर दो गांधी नगर के 20 फीसदी भाग में दूषित पेयजल सप्लाई आने से लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा वार्ड नंबर 10, वार्ड नंबर 11, वार्ड नंबर 12, वार्ड नंबर 17, वार्ड नंबर 18, वार्ड नंबर सात, कबीर नगर, वाल्मिकी बस्ती, चरखी दरवाला, बधवाना गेट, प्रोफेसी कॉलोनी, पंचनंद चौक, वार्ड नंबर 21 का 15 फीसदी भाग, भगत सिंह चौक के समीप, झज्जर घाटी, सैनीपुरा क्षेत्र में इन दिनों पेयजल संकट गहराया हुआ है। किसी कॉलोनी में पेयजल सप्लाई में सीवरेज का दूषित पानी मिक्स आ रहा है तो कहीं नाममात्र की सप्लाई ही घरों में पहुंच पा रही है। अब लोगों ने प्रशासन और विभाग के अधिकारियों से समस्या के जल्द समाधान की गुहार लगाई है।
वहीं बूस्टिंग स्टेशन ही दूषित जल आपूर्ति का कारण बने हुए हैं। जन स्वास्थ्य विभाग ने पिछले लंबे समय से न तो इनकी सफाई करवाई है और न ही अन्य बेहतर सप्लाई के लिए अन्य प्रबंध किए गए हैं। इन बूस्टिंग स्टेशनों में जनरेटर तक नहीं रखे हैं और बत्ती गुल होने पर इनसे जुड़े इलाकों की पेयजल सप्लाई ही बाधित हो जाती है। इस समय शहर के 30 फीसदी क्षेत्र में दूषित पेयजल सप्लाई घरों में पहुंच रही है। इस समय शहर में सात बूस्टिंग स्टेशन हैं जिनसे पूरे शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा शहर में करीब साढ़े 11 हजार पेयजल कनेक्शन लगे हैं। वहीं पिछले दो साल से शहर के बूस्टिंग स्टेशनों की सफाई नहीं की गई है। इससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। करीब एक पखवारा पहले भी महिलाओं ने दूषित पानी की बोतलें कार्यकारी अभियंता को कार्यालय में जाकर दिखाई थी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों के मुताबिक शहर के विभिन्न भागों में करीब 35 साल पुरानी पेयजल लाइनें सीवरेज की लाइनों से कनेक्ट हैं। जिनके क्षतिग्रस्त होने से कई भागों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
दो मुख्य जलघरों सहित सात बूस्टिंग स्टेशनों पर निर्भर शहर
शहर में दो बड़े जलघर हैं इनके अलावा सात बूस्टिंग स्टेशन हैं। जिनसे शहर मेें पानी की आपूर्ति की जाती है। इन बूस्टिंग स्टेशन की पेयजल क्षमता भी एरिया वाइज अलग-अलग है। स्टेडियम रोड बूस्टिंग स्टेशन की क्षमता सात लाख लीटर व दिल्ली रोड बूस्टिंग स्टेशन सात लाख लीटर है। इसी प्रकार दशनामी अखाड़ा बूस्टिंग व घिकाड़ा रोड बूस्टिंग की क्षमता भी सात-सात लाख लीटर ही है। शहर में पिछले दो साल से बूस्टिंग स्टेशनों की सफाई नहीं हो सकी है। आए दिन धूल भरी आंधी से रेत व गाद आदि का जमाव बनता रहता है। बारिश के पानी से आस पास की मिट्टी व पत्ते भी इनमें गिरते रहते हैं। इससे यह पानी शरीर के लिए बेहद हानिकारक साबित होता है।
सिविल अस्पताल बूस्टिंग स्टेशन की है सबसे अधिक क्षमता
सिविल अस्पताल बूस्टिंग स्टेशन की सबसे ज्यादा 18 लाख लीटर की क्षमता है। हीरा चौक व सरगम बूस्टिंग शहर के सबसे पुराने बूस्टिंग स्टेशन हैं। इसके अलावा कई बूस्टिंग स्टेशन वर्षों पुराने हैं जिनका लेवल काफी नीचे हैं इससे बरसात का पानी सीधे इनमें भर जाता है। इनकी छंटाई न होने से धीरे-धीरे इनकी पानी स्टोरेज क्षमता भी घटने लगती है। इन पुराने बूस्टिंग की पानी की क्षमता भी अब बढ़ाए जाने की जरूरत है क्योंकि शहर का एरिया काफी बढ़ गया है। आबादी के साथ हर साल पानी की जरूरत में बढ़ोतरी हो रही है।
---पिछले कई माह से घरों में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है। इस पानी से दुर्गंध आती है और इसे न तो रसोई के कामकाज में प्रयोग कर सकते हैं और न ही घरेलू काम में। विभाग को अब तो समस्या का समाधान करना चाहिए।
रोशनी देवी, वार्ड नंबर 18
---दूषित पेयजल सप्लाई आने से घरों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। मजबूरीवश टैंकर डलवाकर हम काम चला रहे हैं, इससे आर्थिक परेशानियों वार्डवासियों को भुगतनी पड़ रही है। कई दफा हम अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।
निर्मला देवी, वार्ड नंबर 17
--घरों में जो फिलहाल पेयजल सप्लाई छोड़ी जा रही है वो पीने के कतई लायक नहीं है। इस पानी से दुर्गंध भी आती है। कई दफा तो सीवरेज मिक्स पानी घरों में पहुंचता है जिसे प्रयोग करना लोग मुनासिब नहीं समझते।
प्रवीण, वार्ड नंबर आठ
--वार्ड में पेयजल लीकेज के चलते कही पानी व्यर्थ बह रहा है तो कही सप्लाई ही नहीं पहुंच पा रही। वार्ड की कुछ गलियों में तो दूषित पानी भी पेयजल सप्लाई में आ रहा है। पीने के पानी के लिए भागदौड़ करनी पड़ती है।
राजीव, वार्ड नंबर चार
वर्जन=
क्षतिग्रस्त सीमेंटेड लाइनों को जल्द ठीक कराया जाएगा और घरों तक पहुंच रहे दूषित पानी की समस्या का जल्द समाधान कर दिया जाएगा। समय- समय पर शहर के बूस्टिंग स्टेशनों की सफाई करवाई जाती है ताकि शहर के लोगों को शुद्ध पानी मिल सके।
एसडीओ रामपाल, जनस्वास्थ्य विभाग
वर्जन:: दूषित सप्लाई
वर्जन::
मंडल आयुक्त ने भी जन स्वास्थ्य विभाग को बेहतर पेयजल सप्लाई करने के आदेश दिए थे और डीसी भी लगातार इसकी रिपोर्ट ले रहे हैं। पूरे शहर में पेयजल व बिजली सप्लाई व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम