डेढ़ साल में उपचार के नाम पर हड़पे 45 लाख रुपये, अब गुरुग्राम के अस्पताल ने रोहतक भेजा मरीज
पीजीआई में मरीज को रेफर होने पर परिजनों का हंगामा, बोले इतना रुपये खर्च करा दिया, अब हाथ खीचें
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल ने अपने मरीज को डिस्चार्ज कर पीजीआईएमएस रोहतक निजी एम्बुलेंस से भेज दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के रिश्तेदार को रोहतक में इसकी सूचना भी दे दी कि उनका मरीज पीजीआईएमएस पहुंच रहा है, जबकि गुरुग्राम में मरीज के तीमारदारों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। रोहतक में मरीज के पहुंचने पर परिजनों ने इसका विरोध किया और मरीज को लेने से मना कर दिया। इस पर मरीज को पीजीआईएमएस रोहतक में दाखिल किया गया है।
पीड़ित के जानकार अनिल ने बताया कि 22 साल का सुनील हांसी के समीप सोरखी का रहने वाला है। डेढ़ साल पहले नहर में गिरने से उसकी गर्दन धंस गई थी। गुुरुग्राम के डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया और इसमें तकरीबन 45 लाख का खर्च आया। ऑपरेशन के बाद भी मरीज सही नहीं हुआ, आरोप है कि डॉक्टराें ने गलत ऑपरेशन कर दिया था। इस पर कोर्ट में केस डाला गया तो अस्पताल को मरीज का उपचार करने के लिए कहा गया, लेकिन निजी अस्पताल ने मरीज के परिजनों को धक्के मारकर भगा दिया और मरीज को डिस्चार्ज कर निजी एंबुलेंस में रोहतक भेज दिया। इसके अलावा रोहतक में मरीज की बहन को फोन करते उसके पीजीआइएमएस पहुंचने की सूचना दे दी। मरीज की ऐसी स्थिति पर कोई समझ नहीं पाया कि वह क्या करें। परिवार ने इस स्थिति में मरीज को लेनेे से मना कर दिया, लेेकिन एम्बुलेंस उसे छोड़ कर चली गई। एंबुलेंस में आए डॉक्टर व स्टाफ ने कुछ भी इस संबंध में बता पाने में असमर्थता जाहिर कर दी। वह जब पुलिस के पास गए तो थाना अलग होने की बात कह कर बात को टाल दिया जाता है। अनिल ने बताया कि गलत ऑपरेशन के चलते मरीज के पेट के नीचे सारा शरीर पैरालाइज हो गया था, इस पर उसके मामा ने केस कर दिया था। अनिल ने बताया कि सुबह इस संबंध में कोर्ट में केस किया जाएगा।