हादसों से मृत्यु का गणित गड़बड़ाया तो जीवन दान देने लगे यमराज
- नाटक यमराज जीवनदान योजना डॉट कॉम व जिंदगी न मिलेगी दोबारा के जरिये कलाकारों ने दिया यातायात नियमों के पालन का संदेश
- विद्यार्थियों ने यातायात नियमों की अवहेलना से होने वाले नुकसान के साथ जाने सड़क सुरक्षा के नियम
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सिर पर हेलमेट है न जेब में लाइसेंस। तेज रफ्तार बाइक दौड़ाते 14-15 साल के बच्चे। कोई रेड लाइट जंप कर रहा है तो कोई ओवरटेक। तभी तो सड़क हादसे हो रहे हैं। ये हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चित्रगुप्त, रोजाना कितने लोग हादसों में जान गंवा रहे हैं। यमराज, देश में रोजाना 150 लोग लापरवाही से वाहन चलाने के कारण काल का ग्रास बन रहे हैं। हर घंटे में 17 लोग यमलोक आ रहे हैं। हरियाणा में रोजाना 15 लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। यह चिंता का विषय है। इससे तो यमलोक का मृत्यु गणित ही गड़बड़ा जाएगा। इसे सुधारने के लिए धरती पर जाना होगा। यह हास्य पंक्तियां नाटक यमराज जीवनदान योजना डॉट कॉम की हैं। स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स में रोड सेफ्टी कार्यक्रम में आयोजित इस नाटक के जरिये कलाकारों ने सड़क हादसों का सच बताया। शिक्षा विभाग, परिवहन व ट्रैफिक एंड हाईवे पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के जरिये लोगों को यातायात नियमों के पालन का संदेश भी दिया।
हादसों में मरने वालों को यमराज ने दिया जीवनदान
यमराज जीवनदान योजना डॉट कॉम नाटक के पात्र यमराज ने धरती पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। सड़कों व चौराहों पर नियमों को तोड़ तेज रफ्तार दौड़ते वाहन और उनसे होने वाले हादसों को देखा। इसमें दम तोड़ते लोगों को देख यमराज सिहर उठे। यमलोक में मरने वालों की संख्या बढ़ती देख हादसों में मरने वालों को जीवनदान देना शुरू किया। फिर भी राहत नहीं मिलते देख लोगों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक बनाने पर जोर दिया। इससे हादसों में कमी और परिवारों में खुशहाली आई।
जिंदगी न मिलेगी दोबारा ने झंकझोरा
सुपवा परिसर में जिंदगी न मिलेगी दोबारा नाटक का भी मंचन किया गया। इसमें कलाकारों ने तेज रफ्तार बाइक चलाते जान गंवाने वाले बेटे के पिता कर दर्द दिखाया है। बेटा लापरवाही से वाहन चलाते हुए चौराहे पर लाल बत्ती जंप करता है। इस कारण हादसे का शिकार बनता है। हादसे में जान जाने के बाद पिता टूट जाता है। वह दूसरों को बचाने का अभियान शुरू करता है। इसके लिए चौराहे पर प्याऊ बनाता है। वहां अपने आराध्य की अरदास भी करता है। इसके चलते वाहन चालक चौराहे पर अपने वाहनों की गति धीमी कर देते हैं। इस कारण वहां हादसे बंद हो जाते हैं।
पेंटिंग में झलका हादसों का दर्द
सड़क हादसों का दर्द नाटक ही नहीं पेंटिंग में झलका। कार्यक्रम के दौरान हुई पेेंटिंग स्पर्धा में कलाकारों ने कैनवस पर आयल व पेस्टल पेंटिंग से अपने भाव कागज पर उकेरे। सुपवा के फाइन आर्ट्स विभाग के शिक्षक उज्ज्वल कोडेदे ने अपनी पेंटिंग में कार्टून के जरिये रोड सेफ्टी के बारे में बताया। इसमें तेज रफ्तार दोपहिया वाहन पर परिवार सहित जा रहे चालक को मोबाइल पर बात करते हुए दिखाया गया है। इसी वाहन पर यमराज भी बैठे हैं। इस लापरवाही के लिए यमराज उसकी जान ले लेगा। यही इस चित्र के जरिए समझाने का प्रयास किया गया है। हादसों के प्रति लोगों को चेताया गया है।
पेंटिंग में मनीषा रही प्रथम
चित्रकला कार्यशाला, संस्मरण लेखन एवं रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। पेंटिंग प्रतियोगिता में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बैंसी की मनीषा प्रथम, मॉडल स्कूल की निहार द्वितीय व मानसी तृतीय रही।
बेहतर समाज निर्माणा के लिए रचनात्मक शिक्षा जरूरी : एडीसी
सुपवा परिसर में सड़क सुरक्षा पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में एडीसी कम आरटीए सचिव अजय कुमार ने कहा कि समाज निर्माण की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। वे बेहतर समाज निर्माण के लिए रचनात्मक शिक्षा का वाहक बनें। इसी से सुधार की शुरुआत होगी। ट्रैफिक एंड हाईवे के प्रचार एवं कार्यक्रम अधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि शिक्षण परिसर जब सड़क सुरक्षा का अध्याय बनेगा, तभी दुर्घटना मुक्त समाज की परिकल्पना साकार होगी। इसी कड़ी में डीआईजी ट्रैफिक एंड हाईवे राकेश आर्य की पहल पर यह कार्यशाला आयोजित की गई है। यहां सुपवा कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि यह विवि कला अधिव्यक्ति का सर्वोत्तम मंच बने इसके लिए समकालीन प्रश्नों के समाधान में कला की बेहतर भूमिका सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा को विषय के रूप में फिल्म, नाटक, ललित कलाओें के निमार्ण में डालने पर जोर देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा पर फिल्मोत्सव के आयोजन नई शुरुआत होंगे। विवि की कुलसचिव डॉ. भारती शर्मा ने कहा कि यातायात नियम सभी के लिए हैं। इनका सभी का पालन करना चाहिए। कार्यशाला में चंद्रभूषण ने कहा कि समाज में एक दूसरे को धकेल कर आगे निकल जाने की होड़ हादसे का मूल कारण है। मीडिया को भी सड़क सुरक्षा के लिए सकारात्मक अभियान चलाना होगा।
सड़क हादसे गिरा रहे दो प्रतिशत जीडीपी
दिल्ली विश्वविद्यालय के अर्थशात्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय रंजन ने कहा कि सड़क हादसे रुक जाएं तो समाज का सकल घरेलू उत्पाद दो प्रतिशत बढ़ जाएगा। जब तक भारतीय समाज नागरिक दायित्व के निर्वहन में प्रसंगत व्यवहार नहीं करेगा, तब तक समाधान का कार्य प्रशस्त नहीं होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रेम तिवारी ने कहा कि साहित्य दु:ख साझा करने का मंच है। साहित्य जब अपने समय के सवालों से टकराएगा तभी समाधान होगा। सीएलएन सुभाष गुप्ता ने कहा कि सड़क सुरक्षा नागरिक, पुलिस और परिवहन की साझेदारी से सुनिश्चित हो सकती है। रेडक्रास से रवि दत्त ने कहा कि दुर्घटना के समय प्रथम चिकित्सा व्यवहार लोगों की जिंदगी बचा सकता है। डीएसपी डॉ. रवींद्र ने कहा कि पुलिस निरंतर समाज को जागरूक करने लिए अभियान चला रही है। सड़क सुरक्षा प्रश्नोतरी स्पर्धा, नाटक, फिल्म उत्सव सरीखे कार्यक्रमों के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता रोहिला, सुपवा के कला विभाग के शिक्षक प्रकाशदास खांडे, गुंजन त्यागी, अशोक गुलिया, अंकित संागबान, विनय ढुल समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।