1.80 करोड़ से सुधरेगी शहर की सीवरेज व्यवस्था
चरखी दादरी।
जन स्वास्थ्य विभाग ने पटरी से उतरी शहर की सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की प्लानिंग तैयार कर ली है। इसके मुताबिक शहर की सभी सीवरेज लाइनों और टूटे मेनहॉल की मरम्मत पर करीब 1.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में एस्टिमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए हेड ऑफिस भेज दिया है और कुछ दिनों में इस पर मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
शहर में जनवरी माह में करीब तीन किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन ब्लॉकेज होने से निचली बस्ती के मकानों में दूषित पानी घुसने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा था। शहर की निचली बस्तियों में सीवरेज ओवरफ्लो की ज्यादा समस्या बनी रहती है। इन भागों में सीवरेज लाइनें काफी पुरानी एवं कंडम भी हैं। कई जगह सीवरेज लाइन साइज में काफी कम मोटाई की होने की वजह से पानी आगे नहीं बढ़ पाता। थोड़ी-सी मात्रा में पाइप लाइन में कचरा आ जाने पर यह लाइनें रूक जाती हैं । काफी एरिया में लाइनें ठीक लेवल में भी नहीं हैं जिससे ज्यादा दिक्कत बनती है।
कई बार निचली बस्तियों में सीवरेज लाइनें बैक मार देती हैं जिससे दूषित पानी शौचालय के जरिए घरों में पहुंच जाता है इससे लोगों को और भी विकट परेशानी झेलनी पड़ती है। खासकर शहर के गांधी नगर एरिया में कमोबेश यही स्थिति बनी रहती है। यह एरिया नीचली बस्तियों में शामिल माना जाता है। बारिश के समय भी सबसे ज्यादा खराब हालात इसी कालोनी में होते हैं। रेलवे लाइन के साथ लगती इस कालोनी के लोग सीवरेज की समस्या से पिछले लंबे से जूझ रहे हैं। इस वार्ड के लोग कई बार जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। सीवरेज विशेषज्ञों का मानना है कि इस कालोनी में सीवरेज लाइन की ड्राइंग ठीक से तैयार नहीं कर रखी है इस वजह से दूषित पानी की आगे निकासी नहीं हो पाती ।
बाक्स: यहां रहते हैं हालात खराब
शहर के पुराना झज्जर रोड, गोशाला रोड, ढाणी फाटक, दिल्ली रोड, बस स्टैंड के सामने की कालोनियों में भी सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या सबसे अधिक बनी रहती है। पुराना पटवारखाना, झाडू़ सिंह चौक क्षेत्र, पीएनबी बैंक के पीछे शनिदेव मंदिर के समीप, घिकाड़ा रोड के हरिनगर क्षेत्र में भी सीवरेज का बुरा हाल रहता है। गत जनवरी माह में शहर में करीब तीन किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन में जगह- जगह अलग-अलग भागों में ब्लॉकेज की समस्या बन गई थी। सफाई कर्मचारियों के जरिए यह ब्लॉकेज खोलना मुश्किल बना हुआ था। बाद में मशीन मंगवाकर इसे ठीक किया गया था।
सीवरेज लाइनें होंगी दुरुस्त, मेनहॉल के ढक्कन बदलेगा विभाग
अब जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने, मेन लाइनों की मेंटनेंस करने ,ब्लॉकेज ठीक करने, मेनहॉल के ढक्कन आदि ठीक करने के लिए 1.80 करोड़ के बजट का एस्टिमेट तैयार किया है। विभाग अधिकारियों ने यह फाइल हैड ऑफिस भेज दी है।
लोगों के विचार
सीवरेज की व्यवस्था समय -समय पर चरमराई रहती है। सीवरेज ब्लाकेज होने से ज्यादा परेशानी आ रही है। बारिश होने पर तो हालात ज्यादा खराब हो जाते है। विभाग सीवरेज के इस प्रपोजल का मंजूर करवाए तथा जल्द ही सीवरेज को पटरी पर लाना चाहिए
मुकेश जैन
::सीवरेज की पुरानी लाइनें ज्यादा परेशानी बढ़ा रही हैं। सीवरेज लाइन ब्लॉक होने पर मेनहॉल के जरिए दूषित पानी सड़कों पर आ जाता है। पानी की निकासी नहीं हो पाती। आसपास का वातावरण दूषित हो जाता है। जल्द ही सीवरेज की व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।
शिवचरण
:पूर्ण मार्केट में सदा सीवरेज व्यवस्था खराब बनी रहती है। मेनहॉल के ऊपर तक दूषित पानी का जमाव बना रहता है। लाइनें ब्लॉक हो जाती है। विभाग ने एस्टिमेट तैयार करवाया तो यह अच्छा प्रयास है। जल्द ही शहर की सीवरेज व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
संदीप फौगाट, पूर्ण मार्के ट प्रधान
=सीवरेज लाइनों की नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए। मेनहॉल नए लगाए जाने चाहिए। नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए। एसटीपी तक पानी
पहुंचे इसके लिए लाइनों का क्लीयर होना चाहिए। विभाग ने जो एस्टिमेट तैयार किया है उसे मंजूर करवा मानसून सीजन से पहले इस काम को सिरे चढ़ाना चाहिए।
अनूप सिंह शहरवासी
:: वर्सन-
सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या को दूर करने, सीवरेज लाइनों की मेंटनेंस करने, मेनहॉल ठीक करने के लिए 1.80 करोड़ के बजट का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेज दिया है। बजट राशि मिलती शहर की सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह से पटरी पर ला दिया जाएगा।
एसडीओ अनिल कुमार, जनस्वास्थ्य विभाग