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पीजीआई इंटर्न

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फोटो नंबर : 122 से 123
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फ्लैग...
भूख हड़ताल पर बैठे इंटर्न से वीसी ने एक घंटे तक की मनुहार, नहीं माने तो बैरंग लौटे
हेडिंग...
12 को दीक्षांत समारोह है, यही जिद रही तो रद्द करना पड़ेगा : वीसी
स्टाईपेंड नहीं बढ़ा सकते तो फीस कैसे बढ़ा देते हों : छात्र
रोहतक।
पीजीआई के इंटर्न की भूख हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। मौसम और सुबह हुई बारिश के चलते इंटर्न ने ओपीडी में अपना डेरा जमाया। बाद में मौसम साफ होने पर सभ वापस विजय पार्क पहुंच गए। यहीं हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. ओपी कालरा ने विद्यार्थियों को मनाने के लिए करीब एक घंटे मनुहार की। इस मशक्कत के बाद भी इंटर्न अपने स्टाइपेंड की मांग पर अड़े रहे। इसके चलते वीसी को अपनी टीम के साथ बैरंग लौटना पड़ा।

बोले-स्टाइपेंड बढ़ाना हमारे हाथ में नहीं
भूख हड़ताल समाप्त कराने के लिए सोमवार शाम वीसी अपनी टीम के साथ विजय पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने इंटर्न को एक घंटे तक मनुहार करके समझाने का प्रयास किया। वीसी ने कहा कि स्टाइपेंड बढ़ाना हमारे हाथ में नहीं है। यह सरकार को बढ़ाना है। स्टाइपेंड एक दिन में नहीं बढ़ता। यह लंबी प्रक्रिया है। इसमें समय लगेगा। इसलिए भूख हड़ताल समाप्त करें। विवि का 12 अप्रैल को दीक्षांत समारोह है। यही जिद रही तो समारोह रद्द करना पड़ेगा। इससे विद्यार्थियों को ही नुकसान होगा। उन्हें डिग्री कार्यालय से लेनी होगी। वीसी के साथ आए रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल, डायरेक्टर एमसी गुप्ता, डीन डॉ. रोहताश यादव, डीन डॉ. ध्रुव चौधरी, एमएस डॉ. नित्यानंद, ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. ईश्वर ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
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छात्र बोले, मांग पूरी होने तक जारी रहेगी भूख हड़ताल
विद्यार्थियों का कहना है कि विवि विद्यार्थियों का स्टाइपेंड नहीं बढ़ा सकता है तो फीस कैसे और किस आधार पर बढ़ाता है। फीस अपनी मर्जी से बढ़ाई जा सकती है तो स्टाइपेंड भी बढ़ाया जा सकता है। सरकार से अन्य मांगों की तरह इसके लिए कहा जा सकता है। विवि प्रशासन ऐसा नहीं कर रहा है। अधिकारियों को भूख हड़ताल पर बैठे इंटर्न की परवाह नहीं है। इसीलिए सभी इंटर्न में रोष है। यह भूख हड़ताल उनकी मांग पूरी होने तक जारी रहेगा। वीसी के पहुंचने की सूचना मिलते ही आरडीए (रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन) सदस्य भी वहां पहुंच गए। इंटर्न के साथ किसी भी तरह की ज्यादती होने पर एसोसिएशन उनके बचाव में आने की तैयारी में थी।
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