प्रधानमंत्री आवास योजना : शहर के साढ़े 5 हजार आवेदन रद्दी की टोकरी में
- रजिस्ट्री की शर्त नहीं कर पाए पूरी, दूसरे चरण में मात्र 1400 आवेदनों को हरी झंडी
- रद्द हुए ज्यादातर आवेदन खोखराकोट इलाके के
- मेयर के ससुर के नेतृत्व में लोग कर चुके हैं प्रदर्शन
- भाजपा सरकार नियमों में छूट दे आम लोगों को : डाबला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सस्ता घर पाने का सपना देखने वाले साढ़े 5 हजार लोगों के आवेदन रद्दी की टोकरी में चले गए हैं, क्योंकि आवेदनकर्ता रजिस्ट्री की शर्त पूरी नहीं कर पा रहे हैं। दूसरे चरण में मात्र 1400 आवेदन ही नगर निगम ने केंद्र सरकार के पास भेेजे हैं।
केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई थी, जिसके तहत तीन तरह के मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पहला, सस्ती दर पर फ्लैट उपलब्ध कराना, कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराना और तीसरा मकान बनाकर देना शामिल है। जिले में रोहतक शहर से 10 हजार 158, महम से 2 हजार 67, सांपला में 1484 और कलानौर से 1692 लोगों ने आवेदन किया था। निगम ने शहर के अंदर आवेदन योजन के तहत दिल्ली भेजे, जहां से 3780 आवेदनों को हरी झंडी दे दी गई। साथ ही बचे साढ़े 6 हजार लोगों से कागजात पूरे कराकर भेजने की हिदायत दी। इसके लिए 15 मार्च की तिथि तय की गई थी। 2 हजार लोगों ने दोबारा कागजात जमा कराए, लेकिन उनमें से मात्र 1400 आवेदन ही शर्तों को पूरी कर सके हैं।
रजिस्ट्री की शर्त केंद्र सरकार की तरफ से रखी गई है। इसमें निगम अपने स्तर पर कुछ नहीं कर सकता। पहले चरण में 3780 तो दूसरे चरण में 1400 आवेदन पास हुए हैं। बाकी आवेदन शर्त पूरी नहीं कर पा रहे हैं। दूसरा प्रोपर्टी टैक्स के बिल पर साफ लिखा है कि बिल किसी को प्रॉपर्टी की मिलकियत का हक नहीं देता। केवल टैक्स जमा कराने के लिए भेजा गया है।
- जगदीश चंद्र, सीपीओ नगर निगम
भाजपा अपनी सरकार से राहत दिलवाए
खोखराकोट एरिया के लोगों से निगम न केवल प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है, बल्कि बिजली व पानी के कनेक्शन तक दे रखे हैं। सरकार गरीब लोगों को इतनी सुविधाएं दे सकती है तो सस्ते मकान की सुविधा क्यों नहीं दे सकती। भाजपा नेता अपने सरकार से लोगों को राहत दिलवाएं।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम