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पीपीपी मोड के तहत एमआरआई व सीटी जांच केंद्र को मिली एनएबीएच की मान्यता

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पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड के तहत सीआरएस ओपीडी को मिली मान्यता
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फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की सीआरएस ओपीडी में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत स्थापित हेल्थ मैप डायग्नोस्टिक सेंटर को एनएबीएच से मान्यता मिल गई है। यह सेंटर संस्थान में मरीजों की सीटी व एमआरआई जांच करता है। इस मान्यता के मिलने से यहां के मरीजों को मिलने वाली जांच रिपोर्ट की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रमाणिक मानी जाएगी। यह बात कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
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कुलपति ने कहा कि जब भी हम कोई टेस्ट करवाते हैं तो, उसकी गुणवत्ता होना जरूरी है। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की गलत रिपोर्ट ना मिले। रेडियोलॉजी केंद्रों की उच्च गुणवत्ता के लिए एनएबीएच ने कुछ उच्च स्तरीय मानक तय किए हैं, यदि उन नार्म्स का पालन करके कोई भी केंद्र एनएबीएच की मान्यता ले सकता है। ओपीडी में हेल्थ मैप डायग्नोस्टिक सभी उच्च स्तरीय मानकों का पालन कर रहा है। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं डीन एकेडमिक अफेयर डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि संस्थान में 9 मशीनों की सहायता से प्रतिदिन करीब 700 अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। वहीं हेल्थ मैप डायग्नोस्टिक के सीईओ नीरज अरोड़ा ने बताया कि हेल्थ मैप द्वारा एमआरआई व सीटी स्कैन की सुविधाएं प्रदेश के 11 अस्पतालों में अति आधुनिक मशीनों से दी जा रही है। वहीं प्रबंधक आपरेशन राजीव चोपड़ा ने बताया कि एनएबीएच की मान्यता उन्हें मरीजों को अच्छी सुविधाएं प्रदान करने व सभी स्टाफ की मेहनत, लगन की वजह से मिली है। एनएबीएच ने हेल्थ मैप के पांच केंद्रों को मान्यता दी है, इसमें बीपीएस खानपुर कलां, सिविल अस्पताल पंचकुला, सिविल अस्पताल गुरूग्राम, सिविल अस्पताल भिवानी व पीजीआईएमएस रोहतक को ये मान्यता प्राप्त हो चुकी है। इस अवसर पर डॉ. विनय कुमार मलिक, डॉ. ममता सिंगरोहा, महेंद्र श्रीवास्तव, प्रबंधक विजय कुमार झा भी उपस्थित रहे।
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