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कॉलेजों में अब स् थाई शिक्षक ही पढ़ा सकेंगे पीजी कोर्स

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स्थायी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे कॉलेज, अब कौन पढ़ाएगा पीजी कोर्स
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- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार केलिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने दिए आदेश

- कॉलेजों में अब स्थाई शिक्षक ही पढ़ा सकेंगे पीजी कोर्स की क्लास
- अभी तक एक्सटेंशन पर कार्यरत शिक्षक भी पढ़ा रहे थे पीजी क्लास को

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
कॉलेजों की शिक्षा प्रणाली में सुधार का तर्क देते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी किया है। अब कॉलेजों में पीजी क्लास को केवल स्थाई शिक्षक ही पढ़ा सकेंगे। विभाग का आदेश कॉलेजों के लिए न केवल चुनौती बनेगी, बल्कि भारी समस्याओं से भी जूझना पड़ेगा, क्योंकि कॉलेजों में 50 फीसदी से अधिक स्थाई शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।
दरअसल, कॉलेजों में लंबे समय से शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। स्थायी शिक्षकों की कम संख्या होने के कारण कॉलेजों में काफी पद खाली पड़े हुए हैं। ऐसे में हर सत्र के शुरुआत में एक्सटेंशन पर शिक्षकों को रखा जाता है। प्रदेश के सभी कॉलेज शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं और इस बीच उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से नया आदेश जारी कर दिया गया। इस आदेश के अनुसार, अब कॉलेजों में पीजी कोर्सों की क्लास केवल स्थाई शिक्षक ही ले सकेंगे। जिन शिक्षकों को एक्सटेंशन पर रखा गया है वह केवल यूजी कोर्स की क्लास ही पढ़ा सकते हैं। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि कॉलेजों की शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए यह किया गया है। बड़ा सवाल यह है कि जब कॉलेजों में स्थाई शिक्षकों की संख्या इतनी कम है तो अब पीजी कोर्सों को पढ़ाने के लिए इतने शिक्षक कहां से आएंगे? कॉलेजों के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है कि विभाग के इस आदेश का कैसे पालन किया जाए।
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154 पद स्वीकृत, नियुक्ति मात्र 82
शहर के पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज में शिक्षकों की संख्या पर नजर डालें तो यहां पर स्थायी शिक्षकों के 154 पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल में मात्र 82 पद ही भरे हुए हैं। खाली पदों के एवज में हर सत्र के शुरूआत में करीब 92 शिक्षक एक्सटेंशन पर रखे जाते हैं। इन शिक्षकों को एक निर्धारित शुल्क दिया जाता है और सत्र खत्म होते ही इन्हें हटा दिया जाता है। यह हाल केवल एक कॉलेज का नहीं है, बल्कि सभी कॉलेजों में यही स्थिति है।
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विभाग की तरफ से यह पीजी क्लास के लिए यह आदेश आया है, लेकिन फिर भी जिन कॉलेजों में नियमित शिक्षकों की कमी ज्यादा है वहां पर एक्सटेंशन पर रखे गए शिक्षक पढ़ा सकते हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
- डॉ. वेदप्रकाश श्योराण, प्राचार्य पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज
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