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सीएम खट्टर

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तीन से ज्यादा की सरकार के मुखिया के गांव बनियानी का बुरा हाल
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बुनियादी सुविधाओं से महरूम है सीएम का गांव
गंदे पानी से बजबजा रहीं है नालियां, नहीं हो रही साफ-सफाई
शैलेश तिवारी
रोहतक।
बनियानी गांव का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री बन गया, लेकिन गांव की तकदीर आज भी नहीं बदली। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार को तीन साल से ज्यादा का समय हो गया। मगर गांव में अभी भी बुनियादी सुविधाएं मौजूद नहीं है। शहर से लगभग 22 किमी की दूरी पर है मुख्यमंत्री का पैतृक गांव बनियानी।
गांव के हालात का अंदाजा भी इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री के पैतृक निवास के बाहर ही पानी भरा हुआ है। जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। गांव के लोगों का कहना है कि जिन गलियों में मुख्यमंत्री खेला करते थे आज उन गलियों में नाली सिल्ट पड़ी हुई है। जिससे निकलने वाली दुर्गंध से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस का गांव का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है उस गांव के ऐसी हालत होगी ऐसा सोचना कितना शर्मनाक है।
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ये कैसी जागरूकता : सीएम के घर ही बह रहा साफ पानी
दीपक तले अंधेरा... कहावत गांव बनियान में चरितार्थ होती दिख रही है। जहां सरकार जल संरक्षण पर जागरूकता लाने के लिए लाखों-करोड़ों खर्च कर रही है। वहीं प्रदेश सरकार के मुखिया के पैतृक घर पर पानी की बरबादी की टीस ग्रामीणों में देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश में पानी बचाने के लिए सरकार सख्ती बरतती है तो ये सख्ती सीएम के घर पर क्यों नजर नहीं आ रही है। लेकिन मुख्यमंत्री के घर लगी पानी की टंकी से पीने का पानी बहता रहा, उसकी सुध लेने घर में कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था।
खस्ता हाल नाली
गांव की हालत इतनी ज्यादा बद्तर हो गई है कि गांव में नाली तो बना दी गई लेकिन उनकी देखरेख व साफ सफाई करने वाला कोई नहीं है। इस बात की पुष्टि नालियों की हालत को देखकर ही लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि घरों के आगे नाली का पानी भरा होने बीमारी फैलने का अंदेशा तो बना रहता है। घरों के आगे भरे पानी में मच्छर पनपने लगे है तो बीमारी का अक्सर कारण बनते हैं।
साफ सफाई के इंतजाम भी नहीं
गांव बनियानी के ग्रामीणों ने कहा कि सीएम का गांव होने के नाते गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए लेकिन ग्रामीणों को इसका इतर गांव में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। नालियों कि सिल्ट को सड़क पर रख दिया गया है, जिससे वहां से निकले वाले राहगीरों को परेशानी भी होती है। साथ ही कई बार तो लोग सिल्ट से फिसल कर गिर भी जाते हैं।

1. गांव आते हैं सीएम खट्टर
शहर में जब भी सीएम मनोहर आते हैं तो एक बार अपने घर जरूर आते हैं। लेकिन जब उनका आना होता है तो प्रशासन गांव की सुध लेता है और साफ-सफाई की जाती है। गांव को इस तरह से दिखाया जाता है कि जैसे ये सारी व्यवस्था गांव में हमेशा उपलब्ध रहती है।
- रामदास, ग्रामीण ।
2. गांव की हालत बहुत खराब
गांव का बेटा तो सीएम बनकर प्रदेश का विकास तो करवा रहे हैं लेकिन उन्होंने अपने ही गांव के विकास ध्यान पर ठीक तरह से ध्यान नहीं दिया, अगर इस थोड़ा भी ध्यान दिया होता तो आज गांव की गलियों में नालियों का पानी न बह रहा होता।
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- रामपाल, ग्रामीण।
3. जानलेवा बीमारी फैलने का बना रहता है डर
सीएम के गांव बनियानी बहुत ही बीमारी है। बीमारी का प्रमुख कारण यहां की सफाई व्यवस्था का दुरुस्त न होना। कई बार साफ-सफाई के लिए तो कर्मचारी आते है तो कई बार नहीं भी आते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कभी-कभी फॉगिंग करने आते हैं। जबकि सीएम का गांव होने के नाते प्रशासन को लगातार गांव की स्थिति का हाल चाल लेना चाहिए। लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिलता।
- राजबीर, ग्रामीण

महत्वपूर्ण जानकारी
जनसंख्या 6,095
मकान मालिक 1,172
जगह 1544 हेक्टेयर
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