प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर मनाया काला दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पूर्व विधायक भारत भूषण बत्तरा, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, कांग्रेस ग्रामीण के अध्यक्ष जयदीप धनखड़ व मेयर रेणु डाबला के संयुक्त नेतृत्व में बुधवार को नोट बंदी के एक वर्ष पूरे होने पर धरना प्रदर्शन किया गया। अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस कार्यालय पर सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक कर काला दिवस मनाया।
कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पर एकत्रित हुये और केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभी ने नोट बंदी, जीएसटी और बढ़ती महंगाई के विरोध में हाथों में पट्टिका लेकर जोरदार नारेबाजी की।
पूर्व विधायक रोहतक भारत भूषण बत्तरा ने कहा कि भाजपा नोट बंदी का एक साल पूरा होने पर जश्न मना रही हैं, उन्हें जश्न के बजाए बंटाधार व पश्चाताप दिवस मनाना चाहिए। नोट बंदी जिन उद्देश्यों के साथ की गई थी, उनमें से एक भी उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। उल्टा लगभग 150 लोगों की जानें चली गईं, नोट बंदी के एक साल पूरे होने के बाद भी भ्रष्टाचार पूरी तरह अपने चरम पर है।
नोट बंदी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि देश में 50 प्रतिशत ब्लैकमनी चल रही हैं, लेकिन सारे 500 और 1000 रुपये के नोट बैंकों में वापिस आ गये, ऐसे में पीएम का नोट बंदी का मामला पूर्णतया फेल हो गया। न तो युवाओं को रोजगार मिला और न ही काला धन वापिस आया। नई करेंसी छापने में हजारों करोड़ रुपया बर्बाद कर दिया गया। इसका खामियाजा अब भाजपा सरकार को हिमाचल और गुजरात चुनाव में उठाना पड़ेगा।
इस अवसर पर चेयरमैन राकेश बंटी बतरा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी, निगम पार्षद संजय सैनी, सूर्यदेव दहिया, ललित मोहन सैनी, नंद कपूर, मुलखराज धवन, देवेंद्र भारत, रामनाथ सचदेवा, मनमोहन आजाद, रोशन उप्पल, ग्रामीण महिला अध्यक्ष निर्मला राठी, पंकज सचदेवा, तेजकौर सैनी, शोरी क्लॉथ मार्केट प्रधान राजकमल सहगल, किला रोड़ प्रधान बिट्टू सचदेवा, तिलकराज मग्गू, अजीत जैन, बलवान रंगा सरपंच, सरदार जसबीर सिंह, ताराचंद बागड़ी, राजेश कलानौर, मोनू शर्मा, रोमी ग्रेवाल, संजय सिंगला, भगतराम बहमनिया, राजपाल बुधवार, लोकीराम प्रजापति, अमन वशिष्ठ, सुरेंद्र बतरा पूर्व पार्षद, राजीव अत्री, सुरेश राणा, कृष्ण राव, बलदेव राज मिगलानी, प्रशांत दलाल, जितेंद्र दलाल, भूपेंद्र बुधवार, सुरेंद्र पंवार, डॉ. मामराज स्वामी, परीक्षित दुग्गल एडवोकेट, विशाल धनखड़, निशु निशांत, सुंदर सैन, कुलदीप केडी, विनोद काका, निशांत अरोड़ा व सत्यवान कौशिक सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।