अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। स्टाफ नर्स को गिरफ्तार कर जेल भेजने के मामले में नर्सिंग एसोसिएशन ने विरोध जताया है। वहीं रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन भी प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई न होने से प्रबंधन के खिलाफ खड़ा हो गया है। एसोसिएशन का कहना है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारी की है। ऐसे किसी स्टाफ पर कार्रवाई करना गलत है। एसोसिएशन ने नाराजगी जताई कि बिना पीजीआई प्रबंधन की जानकारी के पुलिस बार-बार स्टाफ को बयान के लिए मजबूर नहीं कर सकती है। ऐसे में किसी के साथ हादसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा।
नर्सिंग एसो. की चेतावनी के बाद कुलपति ने दिया आश्वासन
नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान अशोक ने बताया कि बच्चा चोरी मामले में अकेली नर्स की ही लापरवाही पुलिस और प्रशासन को नजर आई है। जबकि वहां ड्यूटी पर डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी तैनात था। अशोक ने बताया कि कुलपति को चेतावनी दी गई थी कि अगर नर्स को नहीं छोड़ा गया तो हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके बाद कुलपति ने जमानत का आश्वासन दिया था।
डॉक्टरों को बचा रहा प्रबंधन
सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में स्टाफ नर्स के अलावा बाल रोग विभाग की डॉक्टर को भी जिम्मेदार बताया गया है। लेकिन प्रशासन अभी डॉक्टर को बचाने की फिराक में है। वहीं स्टाफ नर्स बलजीत कौर पहले भी कह चुकी हैं कि बच्चा चोरी मामले में यदि उनकी लापरवाही है तो डॉक्टरों की भी बराबर की जिम्मेदारी है। इस संबंध में जब कुलपति से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कही।
खाली हाथ लौटे कुलपति : धींगड़ा
पीड़ित पंकज धींगड़ा ने बताया कि शनिवार को सुबह सात बजे कुलपति लेबर रूम के बाहर आए थे। उन्होंने नवजात के पिता सन्नी से बात की। अधिकारी ने कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री से नहीं मिल पाए। फिलहाल डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पंकज ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि संस्थान ने किसी डॉक्टर को भी चार्जशीट नहीं किया है।
प्रोहेबेशन पीरियड पर थी स्टाफ नर्स
नर्स बलजीत कौर अभी प्रोबेशन पीरियड पर थी। उसने संस्थान को पांच माह पहले ही ज्वाइन किया था। संस्थान में सवाल उठाया जा रहा है कि प्रोबेशन पीरियड के दौरान सारी जिम्मेदारी नर्स की कैसे हो सकती है, जबकि सीनियर को नजर रखना होता है। जबकि संस्थान के एक्सपर्ट की मानें तो प्रोबेशन पीरियड के दौरान स्टाफ की पूरी जिम्मेदारी होती है और वह पूरी ट्रेंड होती है। सरकार गलती पर कभी भी स्टाफ को हटा सकती है। वहीं एक्सपर्ट यह भी कहते हैं नर्स को लापरवाही के नाम पर हटाया नहीं जा सकता। लापरवाही तो कई स्तर पर हुई है अकेले नर्स पर ही गाज नहीं गिराई जा सकती। दावा किया जा रहा है कि दूसरी जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों को भी दोषी ठहराया गया है। जबकि रिपोर्ट को सावर्जनिक नहीं किया जा रहा है।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने भी दी चेतावनी
नवजात चोरी होने के मामले में पीजीआई प्रबंधन की हीलाहवाली पर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने रोष जताया है। एसोसिएशन के प्रधान डॉ. जंगवीर ग्रेवाल ने बताया कि देर रात कुलपति ने मामले में मुलाकात करने के लिए बुलाया। कुलपति से बातचीत हुई और आपसी तालमेल बनाए रखने को कहा। वहीं उन्होंने कहा कि लापरवाही के लिए एमएस जिम्मेदार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रेजिडेंट डॉक्टर पर कोई कार्रवाई हुई तो हड़ताल कर दी जाएगी।
उठ रहे सवाल
- लेबर रूम तक किस-किसको है जाने की अनुमति
- सीसीटीवी कैमरा नहीं होगा तो क्या नहीं मिलेगा अपराधी
- बच्चा चोरी मामले में नर्स, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही दोषी क्यों, प्रबंधन पर क्यों नहीं किया जा रहा मामला दर्ज
- लेबर रूम के अंदर किसी परिजन को जाने की क्यों दी गई अनुमति
- डॉक्टर और स्टाफ को क्या चिकित्सा कार्य रोक कर करनी होगी निगरानी