यूपी और राजस्थान में जिला पुलिस की दबिश कारगर
चरखी दादरी।
पुलिस प्रशासन ने मामलों को ट्रेस आउट करने के लिए जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश से बाहर भी दबिश देनी शुरू कर दी है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और पुलिस टीमों के हाथ बीते छह माह में चार बड़ी कामयाबी हाथ लग चुकी है। खासकर राजस्थान व यूपी प्रदेश से पुलिस को बड़ी सफलताएं हाथ लग रही हैं। करीब दस दिन पहले शहर के एक मोबाइल स्टोर का ताला चटकाकर 20 लाख के स्मार्टफोन चोरी करने के दो आरोपियों को जिला पुलिस ने शुक्रवार को शामली जिले के अलग-अलग गांवों में घरों से दबोच लिया। चोरी की वारदात को ट्रेस करने के लिए पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने यूपी में दबिश न दे पाने के कटाक्ष को भी कुछ हद तक झूठा साबित किया है। कई बड़ी कामयाबी हाथ लगने के बाद अब विभागीय सूत्र यूपी से आने वाले अवैध हथियारों पर नजर रखे हुए हैं। राजस्थान में दबिश देकर जिला पुलिस 50 हजार तक के इनामी बदमाश सहित हत्या की वारदातों को अंजाम देने वाली गैंग को भी गिरफ्तार कर चुकी है।
काला गैंग सरगना साहूवास का मर्डर करने के बाद कासनी गैंग सरगना प्रदीप अपने गुर्गों सहित राजस्थान फरार हो गया था। प्रदीप कासनी पर ढाणी फौगाट निवासी खिलावनचंद की हत्या का मामला भी दर्ज था। जिला प्रशासन ने उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। सीआईए टीम ने प्रदीप सहित उसके तीन गुर्गों को भी राजस्थान से अवैध हथियारों सहित दबोचा था। इसके अलावा पुलिस टीम ने पचास हजार के इनामी बदमाश व हत्या जैसी संगीन वारदातों में शामिल इनामी बदमाश सतीश दुबलधन को भी यहां से गिरफ्तार किया था। गत दिनों ही सिटी थाना पुलिस ने करीब एक किलोग्राम चरस सहित पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर राजस्थान में दबिश देकर मादक पदार्थों के सप्लायर को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके पास से करीब पाचं किलोग्राम गांजा बरामद किया था। पुलिस टीम ने शुक्रवार को यूपी में दबिश देकर लाखों की चोरी की वारदात को सुलझाते हुए न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया बल्कि 15 लाख के स्मार्टफोन भी बरामद कर लिए।
वर्जन::
हमारा हर वारदात को ट्रेस आउट करने का प्रयास रहता है। मामले की जांच के लिए प्रदेश से बाहर दबिश देने में जिला पुलिस सक्षम है। राजस्थान व यूपी से हमारे हाथ कुछ बड़ी कामयाबी भी लगी है।
सुनील दलाल, एसपी