रोहतक फाटक पर 37 करोड़ से बनेगा आरओबी
चरखी दादरी।
कांग्रेस राज में ड्राप होने के बाद रोहतक फाटक पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) बनाने की तैयारियां फिर से शुरू पीडब्ल्यूडी विभाग ने शुरू कर दी है। हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने यहां ओवरब्रिज बनाने को लेकर प्रपोजल तैयार किया है। स्थानीय अधिकारियों ने प्रशासनिक स्वीकृति के लिए इसे हैड ऑफिस भेज दिया है। वहां से मंजूरी मिलते ही अधिकारी कार्रवाई शुरू कर देंगे। पिछले लंबे समय से रोहतक फाटक पर आरओबी बनाने की मांग उठ रही थी और शहरवासियों की यह मांग अब परवान चढ़ती नजर आ रही है। पीडब्ल्यूडी ने आरओबी निर्माण के लिए 37 करोड़ का प्रपोजल तैयार किया है। रोहतक फाटक पर आरओबी बनने के बाद वाहन चालकों को आधे-आधे घंटे तक ट्रेन आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
शहर की रोहतक रोड रेलवे फाटक पर 37 करोड़ की लागत से जल्द ही एक आरओबी बनाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी विभाग ने सरकार को प्रपोजल भेजा है। ये रेलवे फाटक चरखी-नारनौल-चंडीगढ़-दिल्ली प्रमुख सड़क मार्ग पर स्थित इस मार्ग से रोजाना करीब आठ से 10 हजार तक वाहन गुजरते हैं। हालांकि शहर के रोहतक चौक से रेलवे फाटक तक फोरलेन सड़क है लेकिन फाटक बंद होने की वजह से कई बार यहां रेस्ट हाउस तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। आरओबी बनने से शहर से भारी वाहनों का आवागमन कम हो जाएगा और शहर में जाम से भी काफी हद तक निजात मिल सकेगी। इस समय भारी वाहन शहर के बीचोबीच गुजरते हैं जिससे जाम के साथ-साथ हादसों का भी अंदेशा बना रहता है।
रेलवे लाइन के दोहरीकरण के चलते आरओबी की थी दरकार
कांग्रेस सरकार के शासनकाल में भी इस आरओबी का प्रपोजल तैयार किया गया था लेकिन बाद में यह प्रोजेक्ट खटाई में पड़ गया था। अब विभाग ने दोबारा इस आरओबी प्रोजेक्ट का प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा है। शहर में इस समय भिवानी से रोहतक बाईपास पर आरओबी पहले से ही निर्माणाधीन है। ये आरओबी भी गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में मंजूर हुआ था। करीब आठ साल पहले मंजूर हुआ यह प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में है। रेलवे प्रशासन की ओर से पिछले माह ही इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई है। केवल रेलवे लाइन की सीमा में आरओबी बनना शेष है बाकी एरिया में काम पूरा हो चुका है। अब शहर की रोहतक रेलवे फाटक पर भी आरओबी निर्माण के लिए प्रपोजल तैयार किया गया है। रोहतक फाटक से नारनौल, महेंद्रगढ़ , झज्जर, दिल्ली, बहादुरगढ़ व चंडीगढ़ को जाने वाले भारी वाहन गुजरते हैं। इस वजह से यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। इस रेलमार्ग का रेवाड़ी से हिसार तक दोहरीकरण किया जा रहा है। इससे ट्रेनों का आवागमन भी बढ़ जाएगा। डबल लाइन होने पर सवारी व मालगाड़ी दोनो ही प्रकार की रेलगाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाएगी जिससे यह फाटक अक्सर बंद ही रहेगी जिससे जाम की समस्या का गहराना स्वाभाविक है।
कांग्रेस राज में प्लानिंग नहीं चढ़ पाई थी सिरे
पीडब्ल्यूडी विभाग ने अब इस आरओबी निर्माण का प्रपोजल तैयार कर हैड अॅाफिस भेज दिया है। पिछले सप्ताह ही यह प्रपोजल की कागज प्रक्रिया पूरी की गई है। गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में भी इसका प्रपोजल तैयार किया गया था लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था। फाटक के दोनो ओर 200-200 मीटर लंबाई में आरओबी बनाए जाने का प्रस्ताव है।
37 करोड़ का बजट है अनुमानित
इस प्रोजेक्ट पर 37 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। विभाग नेे इस बजट राशि की मंजूरी के लिए हैड ऑफिस को फाइल भेज दी है। अगर इस फाइल को जल्द ही मंजूरी मिल जाती है तो इस प्रोजेक्ट पर तत्परता से काम शुरू हो सकेगा। जिससे शहरवासियों को ही नहीं साथ दूसरे जिलों के वाहन चालकों को भी सुविधा हो सकेगी।
आरओबी बनने के बाद आमजन को मिलेगी राहत
--ढाणी फाटक ओवरब्रिज की तरह रोहतक फाटक पर भी इसकी दरकार थी। यह पीडब्ल्यूडी का अच्छा प्रोजेक्ट है, बस सिरे चढ़ जाए। इससे आमजन व वाहन चालकों की परेशानियां कम होंगी।
महावीर, वार्ड नंबर सात
--अक्सर रोहतक फाटक बंद रहती है। 20 मिनट से आधे घंटे तक कई बार ट्रेन आने का इंतजार करना पड़ता है। इमरजेंसी के समय दिक्कतें होती हैं लेकिन ओवरब्रिज बनने के बाद राहत मिलेगी।
नरेश, वार्ड नंबर 16
--रोहतक फाटक पर आरओबी निर्माण की सख्त जरूरत थी। फाटक से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं लेकिन बार-बार ट्रेन आने के चलते यहां जाम लगा रहता है। लोगों को इससे फायदा होगा।
मुन्नालाल, रेलवे रोड निवासी
विभाग ने आरओबी का प्रपोजल तैयार कर हैड ऑफिस भेज दिया है। मंजूरी मिलने पर निर्माण के लिए कागज प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
एसडीओ धर्मपाल, पीडब्ल्यूडी विभाग