भिवानी। साक्षर भारत मिशन में नियुक्त लगभग 51 सौ शिक्षा प्रेरकों को हटाए जाने के विरोध में शिक्षा प्रेरकों ने प्रदर्शन किया। नाराज प्रेरकों ने आगाह किया कि अगर मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर संज्ञान नहीं लिया तो वे 9 जून लघु सचिवालय का घेराव करेंगे।
बुधवार को शिक्षा प्रेरक शहर के बाजारों से होते हुए भिवानी लघु सचिवालय पहुंचकर तहसीलदार की माध्यम मुख्यमंत्री को सेवा बहाली का ज्ञापन सौंपा। प्रेरक संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष भगवत कौशिक ने बताया कि शिक्षा सदन के बैठक में अपनी मनमानी एवं तानाशाही रवैये को अपनाते हुए हरियाणा के लगभग 5100 शिक्षा प्रेरकों को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। इन अधिकारियों ने यह निर्णय लेते हुए सरकार के किसी प्रतिनिधि से भी बात करना उचित नहीं समझा एवं प्रेरकों को कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। शिक्षा प्रेरकों को हटाने के पीछे अधिकारियों द्वारा बजट की कमी का तर्क दिया गया। जबकि वास्तविकता यह है कि मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा प्रौढ़ शिक्षा का बजट 2017-18 के लिए 926 करोड़ रुपये किया गया है। 5 वर्षों तक सरकार की स्कीमों साक्षर भारत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, कैशलेस आदि में प्रेरकों द्वारा सराहनीय योगदान देने के बदले घर का रास्ता दिखाया गया।
हेमसा प्रधान संदीप सांगवान ने कहा कि सरकार प्रेरकों के साथ में अन्याय करना बंद कर दे। प्रेरकों को बहाल करके स्थाई नियुक्ति करे। इस मौके पर जंगबीर, विनोद, रमेश मखीजा, सुरेश, धर्मेंद्र, डा. मोहन, प्रमिला, सरोज, महिमा, सुमन, संजय, योगेश, जयबीर सहित अनेक प्रेरक मौजूद थे।