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प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में विवाद का मामला

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रोहतक। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में अफसर व क्लर्क के बीच विवाद के मामले में नया मोड़ आ गया है। सस्पेंड हुए क्लर्क ने आरोप लगाया है कि डिफाल्टरों को नोटिस देने वाली एजेंसी की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर हस्ताक्षर न करने से जोनल टैक्स आफिसर नाराज हो गए। इस कारण उसकी सीट बदली गई। जबकि ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि क्लर्क गुमराह कर रहा है। एजेंसी की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर एक सप्ताह पहले खुद ही हस्ताक्षर कर चुका है। निगम आयुक्त आरएस वर्मा का कहना है कि पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद है। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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किलोई गांव निवासी क्लर्क सुशील कुमार का कहना है कि जनवरी माह में वे करनाल से तबादले के बाद रोहतक आए थे। उनकी ड्यूटी प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में लगी, जहां वार्ड नंबर 13 से 16 के प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की जिम्मेदारी है। बाकी वार्ड क्लर्क रवींद्र हुड्डा, अमन व दिनेश टक्कर के पास हैं। निगम ने सांई एजेंसी को टॉप डिफाल्टरों को नोटिस देने की जिम्मेदारी दी हुई है। उससे कंपनी की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच में पाया गया कि कंपनी ने 20 से 25 प्रतिशत डिफाल्टरों को नोटिस ही नहीं दिए। मैंने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि काफी लोगों को नोटिस नहीं मिले हैं। यह लिखने से अधिकारी नाराज हो गए। उसकी रिपोर्ट को रद्दी की टोकरी में डाल कर नई रिपोर्ट बनाई गई, जिस पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए गए। इसके बावजूद उसकी सीट बदल दी गई। इसके बाद जब अधिकारी से पूछा कि उसकी सीट क्यों बदली तो कहा, मेरी मर्जी ब्रांच मुझे चलानी है। उसने अधिकारी को कोई धमकी नहीं दी।

गुमराह कर रहा है क्लर्क, खुद किए फाइल पर हस्ताक्षर
क्लर्क गुमराह कर रहा है। कंपनी की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर खुद हस्ताक्षर कर चुका है। दूसरे क्लर्क व अधिकारियों की मौजूदगी में अभद्र व्यवहार किया। आफिस के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसमें पूरा घटनाक्रम दर्ज है। निगम आयुक्त को पूरी रिपोर्ट बनाकर दे दी गई है।
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जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स आफिसर

सीनियर अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद है। फुटेज का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है।
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आरएस वर्मा, आयुक्त नगर निगम
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