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ब्रहम प्रकाश
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विक्रम शर्मा
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डा. संदीप
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डा. मनोज।
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दिल्ली में महिला को रक्तदान देते सामाजिक कार्यकर्ता ब्रहम प्रकाश-फाइल फोटो।
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व्हाट्सएप पर बनाया गया ग्रुप का स्क्रीन शॉट
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समय पर खून न मिलने दोस्त ने दम तोड़ा तो बने रक्तदाता
- खरखौदा के ब्रहम प्रकाश ने रोहतक के प्रोफेसर समेत चार दोस्तों के साथ मिलकर बनाया हिंद निर्माण ट्रस्ट
- 250 से अधिक लोगों की बनाई टीम, जरूरत पड़ने पर संदेश मिलते ही मौके पर पहुंचते हैं सदस्य
- वर्ष 2013 से अब तक 500 से अधिक लोगों के लिए कर चुके हैं रक्तदान
महबूब अली
रोहतक। खून के अभाव में वर्ष 2012 में दोस्त की मौत ने खरखौदा के गांव थाना खुर्द निवासी ब्रहम प्रकाश को झकझोर दिया। इसके बाद कांट्रेक्टर ब्रहम प्रकाश खून तीन दोस्तों के साथ मिलकर खून से कमी से होने वाली मौत से लोगों को बचाने का बीड़ा उठा लिया और हिंद निर्माण ट्रस्ट के नाम से रक्तदाताओं की टीम तैयार की। हिंद निर्माण के वह खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। टीम में 250 से ज्यादा सदस्य शामिल हैं, जो जरूरत पड़ने पर हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और यूपी में रक्तदान के लिए दौड़ पड़ते हैं। इसके लिए ट्रस्ट ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर एनसीआर ब्लड ग्रुप और इमरजेंसी ब्लड के नाम से ग्रुप भी बनाया है। वे वर्ष 2013 से अब तक 500 से अधिक जान बचा चुके हैं।
ब्रहम प्रकाश ने बताया कि 9 सितंबर 2012 को उनके दोस्त हैप्पी दहिया का कालेज में ही छात्रों से झगड़ा हो गया था। झगड़े में हैप्पी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सोनीपत के अस्पताल में लेकर पहुंचे, यहां समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण हैप्पी की मौत हो गई। इसके बाद उसने खून के अभाव में होने वाली मौत से लोगों को बचाने का बीड़ा उठा लिया। इसके लिए खरखौदा के विक्रम शर्मा, डॉ. संदीप कुमार और रोहतक के प्रोफेसर डॉ. मनोज के माध्यम से टीम तैयार की, जो जरूरत पड़ने पर रक्त देने के लिए तैयार हो जाते हैं। चारों दोस्तों को मां दानो देवी धमार्थ सेवा ट्रस्ट, सर्वोदय फाउंडेशन समेत कई सामाजिक संगठन सम्मानित भी कर चुके हैं।
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20 से अधिक रक्तदान शिविर भी लगवाए
ब्रहम प्रकाश ने बताया कि अभी तक रोहतक के अलावा, सोनीपत, दिल्ली और चंडीगढ़ में बीस से अधिक रक्तदान शिविर भी लगवाए जा चुके हैं जबकि भविष्य में भी रक्तदान शिविर लगाए जाते रहेंगे।
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जरूरतमंद रक्त के लिए यहां करें संपर्क
सामाजिक कार्यकर्ता ब्रहम प्रकाश ने बताया कि किसी को भी रक्त की आवश्यकता पड़ती है तो उनकी टीम के मोबाइल नंबर 9991131114, 8882458888, 9891540154 और फेसबुक पर विक्रम आनंद और ब्रहम आनंद पर संपर्क किया जा सकता है। हर ग्रुप का ब्लड उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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सामाजिक कार्यों के लिए अन्य लोगों को भी आगे आना चाहिए। स्वस्थ्य व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है
-डॉ. यश गर्ग, डीसी, रोहतक
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इन लोगों की जान बचाने में निभाई अहम भूमिका
केस नंबर-1
चार माह पूर्व कुंडली हाईवे पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई थी, जिसमें मां-बेटा घायल हो गए थे। घायल सुनीता और सागर को नरेला अस्पताल में भर्ती कराया था। दोनों के घायल होने की सूचना मिलते ही ब्रहम प्रकाश मौके पर पहुंचे थे और महिला के लिए रक्त देकर उसकी जान बचाई थी।
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केस नंबर-2
प्रीतम पुरा में दिसंबर में स्कूटी से गिरकर चंदन सिंह घायल हो गए थे। सूचना पाते ही ब्रहम प्रकाश, विक्रम मौके पर पहुंचे और घायल को न सिर्फ प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया बल्कि रक्त अधिक बहने के कारण रक्तदान कर उसकी जान बचाई थी।
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खुद की कार को लगाया है एंबुलेंस में
ब्रहम प्रकाश ने खुद की कार को सड़क हादसों में घायल लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए लगाया गया है। इसके लिए चालक को प्रतिमाह दस हजार रुपये भी दिए जाते हैं। उक्त कार का खर्चा चारों दोस्त मिलकर वहन करते हैं।