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अम्रत प्रोजेक्ट को लेकर नगर निगम आफिस में हंगामा

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। चुनावी साल में एक तरफ शहर के लोग सीवरेज व पेयजल की समस्या से परेशान हैं, दूसरी तरफ करोड़ों रुपये का अमृत प्रोजेक्ट गति नहीं पकड़ पा रहा है। गंदे पानी की समस्या से परेशान सेक्टर चार के लोग शुक्रवार को मेयर मनमोहन गोयल व पार्षद को साथ लेकर निगम आयुक्त के कार्यालय में पहुंच गए। आयुक्त से बोले, नेता व अधिकारी सपने स्मार्ट सिटी के दिखा रहे हैं, लेकिन पाश इलाके के बीच बने गंदे पानी के जोहड़ ने लोगों का दम घोट रखा है। बदबू से सांस देना दूभर कर रखा है। जब पूछते हैं तो एक ही जवाब मिलता है कि अमृत प्रोजेक्ट से काम होगा, तब समस्या खत्म होगी, लेकिन यह कोई नहीं बताता समस्या कब खत्म होगी।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वार्ड नंबर आठ के पार्षद सुशील कुमार के साथ हरकी देवी व सेक्टर 4 के आधा दर्जन लोग आयुक्त कार्यालय पहुंचे। लोगों ने बताया कि कालोनी में लोगों ने पैसे एकत्रित करके सीवरेज लाइन बिछवाई है। सीवरेज लाइन बिछने के बाद गलियां बना दी गई। जब सीवरेज लाइन बिछी, उस समय कहा गया था कि इनका कनेक्शन हुडा की सीवरेज लाइन में कर दी जाएगी। हुडा ने कनेक्शन करने से मना कर दिया। कहा कि इससे सेक्टर 4 की लाइन ओवरफ्लो हो जाएगी। इस कारण हरकी देवी कालोनी का गंदा पानी सेक्टर 4 व कालोनी के बीच पड़ी खाली जमीन में दो साल से एकत्रित हो रहा है।
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पब्लिक हेल्थ के अधिकारी निगम एक दूसरे पर झाड़ रहे पल्ला
निगम कार्यालय आए लोगों ने मेयर व आयुक्त को बताया कि जब वे पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के पास गए तो उन्होंने कहा कि सीवरेज लाइन उन्होंने नहीं बिछाई। दूसरा, अमृत प्रोजेक्ट नगर निगम के पास है। ऐसे में वे कोई समाधान नहीं कर सकते। जब वे निगम के अधिकारियों के पास जाते हैं तो जवाब मिलता है कि अभी सीवरेज लाइनों की सफाई व गंदे पानी की निकासी की जिम्मेदारी पब्लिक हेल्थ की है। ऐसे में वे कुछ नहीं कर सकते। अमृत प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू हो जाएगा, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि कब शुरू होगा। ऐसे में अब पब्लिक किसके पास जाए।
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मेयर ने आयुक्त से कहा- प्रोजेक्ट का समय बता दीजिए
सेक्टर चार निवासी निजी कंपनी के मैनेजर जगदीप मलिक ने कहा कि पब्लिक हेल्थ व निगम के अधिकारी तर्क देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन मेयर तो पूरे शहर के हैं। वे यह नहीं कह सकते कि उनके दायरे से बाहर की समस्या है। जिसपर मेयर मनमोहन गोयल ने निगम आयुक्त से महोदय लोगों को यह तो बता दीजिए से यह प्रोजेक्ट कब शुरू होगा। जिसपर आयुक्त बोले कि पब्लिक को एरिया वाइज ब्योरा दिया जाएगा कि प्रोजेक्ट के तहत कहां कब कितना काम होगा।
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