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फ्लैग : शहर में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल का 12वां दिन, रेलवे रोड पर टला टकराव, कर्मचारी बोले,
गिरफ्तार कर डाल दो जेल में, फिर करवा लेना सफाई, अधिकारी पीछे हटे
- गोहाना रोड पर सफाई कर्मियों की संख्या देकर कचरा उठा रहे व्यापारी भागे
- रेलवे रोड पर उलझने के कारण मंत्री के आवास तक नहीं पहुंच पाए कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल 12वें दिन में प्रवेश कर गई। इसके कारण शहर में सड़कों किनारे सड़ रहे कचरे से हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं। निगम अधिकारियों ने निजी एजेंसी से रेलवे रोड से कचरा उठाने का प्रयास किया। भनक लगते ही करीब 150 हड़ताली कर्मचारी मंत्री के आवास का घेराव छोड़कर गोहाना रोड होते हुए रेलवे रोड पर पहुंच गए और कचरा उठाने का काम बंद करवा दिया। साथ ही कहा कि, अगर निगम पूरे शहर में सफाई करवाना चाहता है तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दें या अधिकारी आश्वासन दें कि अब कचरा नहीं उठवाएंगे। निगम आयुक्त ने आगे कचरा न उठाने का भरोसा दिया। इसके बाद कर्मचारी भी वापस लौट गए।
नगर निगम के हड़ताली कर्मचारियों को शनिवार को प्लान के तहत सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के आवास के बाहर प्रदर्शन करना था। इसके चलते पुलिस ने सुबह ही भारी संख्या में पुलिस बल, दंगा विरोधी वाहन कोर्ट रोड पर एसबीआई बैंक के कोने पर लगा दिए, ताकि मंत्री आवास की तरफ जाने से कर्मचारियों को रोका जा सके। कर्मचारियों को 1 बजे मंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करना था। इसी बीच भनक लग गई कि कुछ व्यापारी गोहाना अड्डे पर कपिल नागपाल के नेतृत्व में कचरा उठा रहे हैं, जबकि निगम के अधिकारी भारी पुलिस बल को साथ लेकर रेलवे रोड से कचरा उठवा रहे हैं।
हड़तालियों की संख्या देकर चंपत हो गए व्यापारी
कर्मचारियों ने मंत्री आवास का घेराव का कार्यक्रम रद्द कर कचरा उठाने का विरोध करने का फैसला किया। कर्मचारी सबसे पहले गोहाना अड्डे पर पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही कचरा उठा रहे व्यापारी चंपत हो गए। हालांकि मौके पर पुलिस भी तैनात रही। व्यापारियों का नेतृत्व कर रहे नागपाल का कहना है कि वे अपनी दुकान पर चले गए थे। कहीं भागे नहीं।
रेलवे रोड पर टल गया टकराव
इसके बाद हड़ताली कर्मचारी रेलवे रोड पर पहुंचे और कचरा उठा रही निगम की निजी एजेंसी का विरोध किया। हालांकि तब तक निजी एजेंसी की टीम ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ज्यादातर कचरा उठाकर ले जा चुकी थी। बचे ट्रैक्टरों का कर्मचारियों ने भिवानी स्टैंड की तरफ से रास्ता रोक दिया। निगम अधिकारियों ने दूसरे रास्ते से बची ट्रॉलियों को निकलवा दिया। कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे युवा इनेलो के प्रदेश उपाध्यक्ष राजन बोहत ने कहा कि अगर निगम पूरे शहर से कचरा उठाना चाहता है तो हड़ताली कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दे या फिर कचरा उठाना बंद कर दे। 15 मिनट डीसी व दूसरे अधिकारियों से बातचीत करने के बाद निगम आयुक्त प्रदीप डागर ने कर्मचारियों को आगे कचरा न उठाने का भरोसा दिया। इसके बाद कर्मचारी झज्जर रोड से होते हुए धरना स्थल पर लौट गए।
निगम ने खाली करवाया कार्यालय, सड़क पर आए हड़ताली कर्मचारी
अब तक हड़ताली कर्मचारियों का धरना निगम कार्यालय की चारदीवारी के अंदर प्रांगण में चल रहा था, जहां जब चाहे वातानुकूलित नागरिक सुविधा केंद्र का आनंद उठा रहे थे। कर्मचारियों का कहना है कि निगम ने सरकारी बिल्डिंग के अंदर धरना न देने की बात कही। इसके चलते कर्मचारी शनिवार सुबह कार्यालय के बाहर सड़क पर आकर बैठ गए। इससे माडल स्कूल में आने-जाने वाले छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।