चरस सप्लाई करने पर एक साल तो मोबाइल छीनने पर पांच साल की कैद
- अलग-अलग मामलों में एडीजे जसबीर सिंह की अदालत ने सुनाया फैसला
: छीना झपटी को गंभीर अपराधों की श्रेणी में किया सरकार ने शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
चरस सप्लाई करने पर अदालत ने सोनीपत जिले के गांव धनाना गांव निवासी राजेंद्र व जोगेंद्र को एक-एक साल की कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि मोबाइल छीनने पर डीएलएफ कालोनी निवासी रवि व चिन्नोट कालोनी निवासी निशांत को पांच-पांच साल की कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सोनीपत के युवक हैफेड चौक पर आए थे चरस सप्लाई करने
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक जनवरी 2016 को सीआईए वन को सूचना मिली कि सोनीपत जिले के गांव धनाना गांव निवासी राजेंद्र व जोगेंद्र चरस सप्लाई करने हैफेड़ चौक के पास आएंगे। एसआई जयबीर सिंह ने योजना के तहत आरोपियों को चौक पर धर दबोचा। तलाशी लेने पर उनके पास करीब 250 ग्राम चरस बरामद हुई थी। तभी से आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत जिला अदालत में केस चल रहा था। सोमवार को कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया, जबकि मंगलवार को एक-एक साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
एमबीबीएस के छात्र से मोबाइल छीनना पड़ा महंगा
करीब एक साल पहले अर्बन एस्टेट एरिया में सेक्टर 3-4 निवासी निशांत बाइक से जा रहा था। जो एमबीबीएस का छात्र है। आरोप था कि डीएलएफ कालोनी निवासी रवि व चिन्नोट कालोनी निवासी निशांत ने उसका मोबाइल छीन लिया। पुलिस ने स्नेचिंग का मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को पांच-पांच साल कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेेगी। बता दें कि छीना झपटी को सरकार ने गंभीर अपराध की श्रेणी में शामिल किया हुआ है।