सरसों खरीद की कठोर शर्तों पर भड़के किसान संगठन
चरखी दादरी।
सरसों की सरकारी खरीद के लिए सरकार द्वारा शर्तें लागू किए जाने पर भड़के किसान संगठनों ने सोमवार को अनाज मंडी में किसान संगठनों ने धरना दिया। उन्होेंने मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन सौंपकर सरकार से सरसों की खरीद के संबंध में तय की गई शर्तों में ढील देने की मांग की। इस दौरान दादरी के इनेलो विधायक राजदीप फौगाट भी मौके पर पहुंचे। उनके नेतृत्व में किसान एसडीएम से मिले।
जिले की अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। अनाज मंडी में एकाध किसान सरसों की फसल की बिक्री करने आ रहा है। सरकार की ओर से 15 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद करने के निर्देश पहले से ही जारी हो चुके हैं। इसके लिए गांवों को अलग अलग ग्रुप में बांटकर अनाज मंडी में सरसों की खरीद करने की प्लानिंग प्रशासन ने तैयार की है। भारतीय किसान यूनियन , किसान जनहित समिति सदस्य व किसान सोमवार को अनाज मंडी में पहुंचे। इन संगठनों के पदाधिकारियों ने अनाज मंडी में अधिकारियों से बातचीत की और अनाज मंडी में कमेटी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना मिलने पर मार्केट कमेटी सचिव सुमनलता ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसान नेताओं से बातचीत की। इसी दौरान इनेलो विधायक राजदीप सिंह भी किसानों की मांगों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच गए।
धरने की सूचना पर तहसीलदार नवनीत भी मौके पर पहुंच गए और किसानों से बातचीत की। इस दौरान विधायक राजदीप सिंह ने अधिकारियों से कहा कि सरकार को सरसों की खरीद के संबंध में लगाई सभी शर्तें हटाई जानी चाहिए ताकि किसान की भागदौड़ कम हो सके और उसकी उपज की पूरी मात्रा में खरीद हो सके। इस दौरान विधायक की अधिकारियों के साथ कई देर तक बहस हुई।
किसान संगठनों की मांग पर मार्केट कमेटी सचिव सुमनलता ने कहा कि वे लिखित में मांग पत्र उन्हें सौंपे। इसे सरकार को भेज दिया जाएगा। खरीद संबंधी शर्तें हटाना सरकार का काम है। बाद में किसान नेता एसडीएम ओमप्रकाश देवराला से उनके कार्यालय में मिलने गए तथा किसानों ने अपनी मांगे उनके समक्ष रखी। एसडीएम ने किसानों को बताया कि खरीद संबंधी शर्तों में बदलाव सरकार के दायरे की बात है। प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
ये हैं किसानों की मांगे
किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव सुमलता को सौंपे ज्ञापन में मांग करते हुए कहा कि एक किसान की 25 कुंतल सरसों की खरीद की शर्त में ढील देते हुए इसे बढ़ाकर 50 कुंतल कर देना चाहिए। आधार कार्ड आईडी की बजाय सरपंच से हस्ताक्षरित पहचान पत्र वैध होना चाहिए। जमीन की फर्द से राहत दी जाए। गिरदावरी रिपोर्ट के लिए किसानों को इधर-उधर न भागना पड़े इसके लिए मंडी में ही पटवारी तैनात किया जाए ताकि किसान तत्काल जमीन की फर्द ले सके।
अब तक 57 गांवों में हुई गिरदावरी
अब तक जिले के 57 गांवों में गिरदावरी हुई है जबकि गिरदावरी की रिपोर्ट का सरसों की खरीद के साथ होना जरूरी है। राजस्व विभाग ने 15 फरवरी से खेतों की यह गिरदावरी शुरू की थी जो 31 मार्च तक पूरी की जानी है। किसानों की मांग है कि गिरदावरी का काम तेजी से पूरा करना चाहिए ताकि किसानों को परेशानी न आए।
सरकार को सरसों की खरीद के लिए लगाई शर्तों को वापिस लेना चाहिए। एक किसान की 50 कुंतल तक सरसों की खरीद करनी चाहिए। आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म करनी चाहिए। सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसान की पहले ही माली हालत बनी हुई है।
सुनील कुमार, प्रदेश अध्यक्ष जनहित किसान संघर्ष समिति
सरसों खरीद के लिए नियम सरकार की ओर से बनाए गए हैं। प्रशासन अपने स्तर पर इन नियमों में बदलाव नहीं कर सकता। किसानों की मांग सरकार को भेज जरूर दी जाएगी। प्रशासन की कोशिश रहेगी कि किसान के दाने-दाने की खरीद हो। एरिया वाइज हर गांव के किसान की फसल की खरीद होगी।
ओमप्रकाश, एसडीएम