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दो घंटा नर्सोें ने रखा वर्क सस्पेंड तो डॉक्टरों ने चलाया काम
सामान्य मरीजों को करना पड़ा नर्सिंग सेवाओं का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्टाफ नर्सों ने मंगलवार को चेतावनी के अनुरूप दो घंटे का वर्क सस्पेंड रखा। इस दौरान मरीजों को जरूरी नर्सिंग सेवाएं वार्ड के डॉक्टरों ने ही दी। वहीं कई मरीजों को इन दो घंटे नर्सिंग सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ा। हड़ताल के दौरान दो घंटा नर्सिंग स्टाफ ने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर जमकर पीजीआईएमएस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
धनवंतरी अपैक्स ट्रॉमा सेंटर, आपात कालीन विभाग के अलावा सभी इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर संस्थान की नर्सिंग एसोसिएशन ने अपनी हड़ताल के दो घंटे कोई काम नहीं किया। इस दौरान मरीजों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। मरीजों ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जाने से पहले अधिकांश कार्य कर दिया था और कहा था कि बाकी का कार्य वह वापस आ कर देंगी। इस दौरान जिस मरीज को बीच में जरूरत पड़ी उनका कार्य डॉक्टरों ने कर दिया। वहीं एमएस कार्यालय के बाहर नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव ने रोष जताते हुए बताया कि उनकी स्टाफ नर्सों ने प्रशासन को पहले ही अल्टीमेटम दे रखा था कि वे 13 व 14 मार्च को दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक दो घंटे का वर्क सस्पेंड रखेंगी। इसके बावजूद किसी अधिकारी ने उनका पक्ष जानने की जहमत नहीं उठाई। इसी के चलते मंगलवार को पहले दिन स्टाफ नर्सों ने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय पर गेट मीटिंग की और फिर हरियाणा सरकार व पीजीआईएमएस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अशोक ने कहा कि बुधवार को बडे़ स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और चिकित्सा अधीक्षक से कुलपति कार्यालय तक नारेबाजी करके हरियाणा सरकार व यूएचएसआर प्रशासन को चेताया जाएगा। नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि यदि उनके साथ ऐसा ही भेदभाव होता रहा तो वे किसी भी स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे। यादव ने कहा कि उनकी मांग है कि उन्हें 4600 ग्रेड पे के साथ-साथ, वर्दी भत्ता, नर्सिंग अलाउंस केंद्र की तर्ज पर दिया जाए। वहीं एसोसिएशन ने बताया कि उनकी नर्सिंग अफसर पदनाम बदलने की मांग को सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है। वह चाहते हैं कि उनकी पे अनोमलिज की मीटिंग को जल्द से जल्दी चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ फिक्स करवाया जाए ताकि उनकी मांगें शीघ्र पूरी हो सके। प्रधान ने रोष जताते हुए कहा कि हड़ताल के दौरान अधिकारी बाहर आ कर कुछ सुनना ही नहीं चाहते। संस्थान के एक अधिकारी ने उनकी समस्या बढ़ा दी हैं। इसके विरोध में 1150 नर्सों ने पहले दिन दो घंटा वर्क सस्पेंड रखा है।
वरिष्ठ डॉक्टर के खिलाफ भड़की नर्सें
दो घंटे वर्क सस्पेंड करने जा रही नर्सों को लेकर एक वरिष्ठ डॉक्टर ने जब आपत्ति जताई तो नर्सों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सूत्रों की मानें तो उक्त अधिकारी ने सीनियर नर्स को कहा कि जो भी स्टाफ नर्स हड़ताल पर जा रही है, उनकी उतने समय के लिए अनुपस्थिति की रिपोर्ट उनको भेजो। इस दौरान उनको अनुपस्थित दिखाया जाएगा। इस बात पर बिफरी नर्सों चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की।
नर्स के तबादले पर चर्चा रही गर्म
एक तरफ स्टाफ नर्सों की हड़ताल दूसरी और एक नर्स के अपनी ड्यूटी से गायब रहने के चलते हुई कार्रवाई को लेकर चर्चा गर्म रही। इसमें कहा जा रहा था कि एक नर्स का जब तबादला किया गया तो उसे रोकने के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी का फोन आ गया। वहीं मंगलवार को दिन भर चर्चाओं में रहा है कि एक महिला स्टाफ और एक पुरुष स्टाफ की वीडियो बन गई है। इससे संबंधित प्रशासन को शिकायत भी हुई है।
बोले अधिकारी
संस्थान की स्टाफ नर्सों ने दो घंटे काम छोड़ कर हड़ताल की है। इस दौरान कोई कार्य बाधित नहीं हुआ है। हमने डॉक्टरों को पहले ही निर्देश दे रखे थे कि नर्सों की वजह से किसी मरीज को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा नर्सों के तबादले की प्रक्रिया सामान्य है। उनके पास किसी नर्स का तबादला रोकने के लिए कोई फोन नहीं आया और न ही किसी की उनके पास कोई शिकायत आई है।
-डॉ. नित्यानंद, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस रोहतक।