सरकार अध्यापकों की सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं है। गुड और बेड टच के अर्थ को सरकार को बताना चाहिए। साथ ही अध्यापकों की सुरक्षा के लिए विशेष प्लान तैयार करना चाहिए।
- रविंद्र नांदल, जिलाध्यक्ष, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ
अध्यापक स्कूल में असुरक्षित महसूस कर रहा है। स्कूलों में सुरक्षा के साथ-साथ सम्मान का माहौल दिया जाना चाहिए। ताकि वे सही ढंग से बच्चों को पढ़ा सके।
- जेएस बूरा, प्रबंधक, न्यू हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, प्रीत विहार
यमुनानगर में जिस तरह की घटना हुई इससे साफ है कि सरकार स्कूलों में सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे। भयमुक्त माहौल देना होगा।
- संदीप सहरावत, मिडिल स्कूल, विजयनगर
बच्चों की तरह अध्यापकों की सुरक्षा के लिए भी गाइडलाइन जारी होनी चाहिए। ताकि अध्यापक कॉल करें और तुरंत मदद मिल सके। अध्यापकों की शिकायत पर भी तुरंत कार्रवाई हो।
- कमलकांत, प्रधानाचार्य, महेंद्रा मॉडल स्कूल
सरकार को अध्यापकों के साथ बैठ कर नियम बनाने चाहिए। ताकि किसी तरह की कोई दिक्कत हो तो अध्यापक उसे तुरंत ही बताकर समाधान करा सके।
- सुनील कुमार, प्रबंधक, जीवीएम हाईस्कूल
निजी स्कूल के अध्यापकों के प्रति सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। बच्चों की तरह अध्यापकों की सुरक्षा को भी सरकार को गंभीर होना होगा।
- अशोक कुमार तनेजा, प्रबंधक, श्याम हाईस्कूल, इंद्रा कॉलोनी
बच्चों के साथ-साथ सरकार को अध्यापकों की सुरक्षा को भी कठोर कदम उठाने चाहिए। स्कूलों में भयमुक्त माहौल देना चािहए। तभी अध्यापक बच्चों को सही तरह से पढ़ा सकेंगे।
- जया देवी, प्रधानाचार्य, प्रजेंटेशन स्कूल रोहतक
अध्यापकों की सुरक्षा को भी कोई हेल्प लाइन जारी होनी चाहिए। अध्यापकों की शिकायत पर पुलिस को तुरंत एक्शन लेना चाहिए।
- नन्दा रिहानी, प्रधानाचार्य, जिहान पब्लिक स्कूल
सरकार निजी स्कूलों के अध्यापकों की सुरक्षा की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। विशेष प्लानिंग के तहत अध्यापकों की सुरक्षा करानी चाहिए।
- राजकुमार, प्रबंधक, रामानुज स्कूल घिरौंटी
यदि यमुनानगर की घटना के बाद भी सरकार अध्यापकों की सुरक्षा को गंभीर नहीं होती है तो इससे दुखद बात नहीं हो सकती है। अध्यापक भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
-कृष्ण नरवाल, प्रबंधक, जीआरएम स्कूल, हनुमान कालोनी
सरकार निजी स्कूल वालों को परेशान करने में लगी है। सरकार को अध्यापकों की सुरक्षा को सख्त से सख्त नियम बनाने चाहिए। ताकि उनका विश्वास सरकार पर बढ़े।
- सुनिता, प्रधानाचार्य, न्यू एकता भारती स्कूल, लाढ़ौत
सोसाइटी की तरह सरकार को अध्यापकों की सुरक्षा को भी गंभीर होना चाहिए। अध्यापकों की सुरक्षा को कोई कानून भी बनाना चाहिए।
- अंशुल पठानिया, प्रबंधक, पठानिया स्कूल, गोहाना रोड
सरकार को निजी स्कूलों के अध्यापकों की सुरक्षा को गंभीर होना ही होगा। सीएम को सुरक्षा के लिये विशेष प्लान तैयार करना चाहिए।
- रवि गुलियानी, प्रबंधक, स्कॉलर रोजरी स्कूल, सोनीपत रोड