अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
एसवाईएल के पानी को लेकर शनिवार को अहीरवाल की सूखी धरती पर दो दिग्गजों में चुनावी बाण चले। पहले सहारनवास में राव अभिमन्यु के कार्यक्रम में कांग्रेस की सीएलपी लीडर किरण चौधरी ने कहा कि एसवाईएल को लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय भाजपा की दो दिन की मेहनत का परिणाम नहीं है। इसके लिए कांग्रेस सरकार लगातार लड़ रही थी। उसी का नतीजा रहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अब जाकर प्रदेश सरकार के हक में फैसला सुनाया। इस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि किरण चौधरी कांग्रेस शासन में 10 साल तक सरकार में रही। तब इन्होंने या इनकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में प्रसिडेंशल रेफरेंस के बारे में कोई जवाब नहीं दिया, अब जबकि वह विपक्ष में है तो कह रही हैं कि हमारी सरकार ने इसमें कोई काम नहीं किया। हमारी सरकार उस 10 साल के ठंडे पड़े मसले का फैसले के तौर पर अमल में लाई है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व किरण चौधरी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आठ माह बाद भी केंद्र सरकार ने इस दिशा में कुछ नहीं किया। अब प्रदेश सरकार को केंद्र पर दबाव बनाने के लिए इसे लागू कराने के लिए इस्तीफा दे देना चाहिए।
पंजाब आज भी अड़ियल
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पंजाब एसवाईएल को लेकर पहले भी अड़ियल था और आज भी अड़ियल है। वकील जानता है फैसले के बाद एग्जिक्यूशन पिटीशन डाली जाती है। पिछले दो महीने से जब पंजाब ने काम नहीं किया तो हमारी सरकार ने यह पिटीशन डाली। जैसे ही हमारी यह एग्जिक्यूशन पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में सामने आएगी तो मुझे यकीन है कि महीने-दो महीने में सुप्रीम कोर्ट यह आदेश करेगा कि केंद्र के किसी पैरामिलट्री बल से इसकी खुदाई के लिए सुरक्षा दी जाए।