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जिले के 11 पीएसची पर चिकित्सकों का टोटा

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जिले के 11 पीएसची पर चिकित्सकों का टोटा
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। चिकित्सकों की कमी के कारण जिले के करीब 70 गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों को उपचार के लिए प्रतिदिन करीब 20 से 40 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है। दरअसल ग्रामीणों को आसपास ही इलाज की सुविधा मुहैया करवाने के लिए शुरू की गई अनेक पीएचसी पर चिकित्सकों का टोटा है। करीब 11 पीएचसी ऐसी है जहां कोई चिकित्सक नहीं है। कुछ पीएचसी ऐसी है जहां के चिकित्सकों की ड्यूटी भिवानी अस्पताल की इमरजेंसी और सीएचसी पर लगाई गई है।
पिछले दिनों किए गए चिकित्सकों के तबादले के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह झकझोर दिया है। हालात ये है कि अनेक पीएचसी पर कोई डाक्टर नहीं है तो सीएचसी भी एक-एक चिकित्सक के भरोसे चल रही है। सीएचसी व सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी, पोस्टमार्टम ड्यूटी की व्यवस्था बनाने के फेर में अन्य पीएचसी पर भी चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में करीब 14 पीएचसी के तहत आने वाले करीब 70 गांवों के ग्रामीण उपचार के लिए भटकने को मजबूर हैं। पीएचसी सिर्फ स्टाफ नर्सों, एएनएम, फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।
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हाल ही में सामान्य अस्पताल से करीब छह चिकित्सकों व फील्ड से करीब 10 डाक्टरों का तबादला हुआ है। इनकी ऐवज में बमुश्किल पांच से छह डाक्टर ही आए हैं। डाक्टरों के ट्रांसफर के कारण पहले ही चिकित्सकों की कमी झेल रहे स्वास्थ्य विभाग की परेशानी और बढ़ गई है।
यहां नहीं हैं चिकित्सक
मिरान पीएचसी, धनाना पीएचसी, गोपी पीएचसी, बौंद कलां पीएचसी झोझू पीएचसी व अन्य कुछ पीएचसी के अलावा सिवानी अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं है। सिवानी अस्पताल में अब दो चिकित्सकों की डेपुटेशन की गई है। हालात ये है कि नौ सीएचसी में से अधिकतर पर एक-एक ही चिकित्सक है जबकि सीएचसी पर 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती है। ऐसे में पीएचसी के चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर काम चलाया जा रहा है। धनाना पीएचसी से डा. प्रवीण, जूई पीएचसी से डा. आरती की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई गई है।
अस्पताल की ओपीडी बढ़ी
पीएचसी, सीएचसी पर चिकित्सकों की कमी का सीधा असर सामान्य अस्पताल की ओपीडी पर पड़ रहा है। पहले जहां एक हजार के करीब तक ओपीडी रहती थी, वहीं अब 16 सौ के करीब पहुंच गई है। गांवों में चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने पर अब ग्रामीण सामान्य अस्पताल पहुंच रहे है। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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वर्जन:::
नई ट्रांसफर लिस्ट में चिकित्सकों के तबादले ज्यादा हुए हैं और आए कम हैं। सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में भी फील्ड के डाक्टरों की ड्यूटी लगाकर काम चलाया जा रहा है। काफी पीएचसी पर चिकित्सक नहीं है। अब वर्तमान स्टाफ से ही बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डा. रणदीप पूनिया, सिविल सर्जन
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