28 साल में पहली बार मसानी बैराज में पहुंचेगा पानी
प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
अहीरवाल की सूखी धरती के लिए एक खुशखबरी है। मसानी बैराज में 28 साल में पहली बार पानी आएगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। संभवत: यह पानी 15 जुलाई को मसानी बैराज में पहुंच जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर पानी रिचार्ज होगा और जमीन का जलस्तर बढ़ेगा। कभी बाढ़ से बचाने के लिए बनाए मसानी बैराज में निर्माण होने के बाद कभी पानी नहीं आया। इसका कारण राजस्थान में कई जगह बांधों का निर्माण करना रहा। इसके बाद यह बैराज 28 साल से ऐसे ही पड़ा रहा। हालांकि गत वर्ष भी सिंचाई विभाग ने इसमें थोड़ा पानी डालने का प्रयास किया, लेकिन वह पूरी तरह सफल नहीं हो सका। इस बार सिंचाई विभाग ने अपनी पूरी योजना बना ली है। यह पानी अब नियमित रूप से मसानी बैराज में डाला जाएगा।
12 साल में निर्माण वह भी अधूरा
मसानी बैराज के निर्माण की कहानी भी अजीब है। 1977 में आई बाढ़ के बाद इसका निर्माण शुरू हुआ। यह काम 1986 तक चला। बाद में इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद इसे 1987 में फिर से शुरू किया गया, फिर 1989 में इसे बंद कर दिया गया। इस बैराज में 18 गेट स्वीकृत किए थे। जिसमें से केवल एक गेट ही लग सका था। ऐसे में करोड़ों रुपये लगने के बाद भी यह काम अधूरा ही रहा। ेकिन इसके बावजूद इसका कभी उपयोग नहीं हो सका।
गत माह बनी सहमति
पिछले माह चंडीगढ़ में पानी को लेकर एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस पर मंथन किया गया। इसमें निर्णय किया गया। बारिश के दिनों में यमुना का पानी और बारिश का पानी अतिरिक्त बह निकलता है। इसका कोई उपयोग नहीं हो पाता। ऐसे में इस पानी को नहरों के माध्यम से दक्षिण हरियाणा तक लाया जाएगा। इसी के तहत बंद पड़े पंपों की मरम्मत कराई गई। बिजली के ट्रांसफार्मर की सर्विस की गई। इसी के तहत पहले जहां रेवाड़ी के लिए 400 से 500 क्यूसिक पानी छोड़ा जाता था, वहीं अब 900 से 950 क्यूसिक तक छोड़ा जाएगा।
पहले पीने के पानी की होगी पूर्ति
सिंचाई विभाग का पहला उद्देश्य सबसे पहले पीने के पानी की पूर्ति करना है। विभाग पहले पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति करेगा। इसके बाद कृषि और बाद में मसानी बैराज में पानी छोड़ेगा। माना जा रहा है कि मसानी बैराज में 250 से 300 क्यूसिक पानी छोड़ा जाएगा। सबसे पहले 50 दिन लगातार पानी छोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके बाद इसे नियमित रूप से बढ़ाया जाएगा।
मुनादी से समझाया
सिंचाई विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी भी की। इसके तहत गांवों में मुनादी कराई गई। ग्रामीणों को समझाया गया कि गांवों में आने वाले पानी को सबसे पहले रिस्टोर करें। उस अतिरिक्त पानी को जोहड़ों में डालें, सरोवरों में डालें। कुछ भी करें, जिससे पानी जमीन तक पहुंचे। मसानी बैराज में भी पानी डालने का उद्देश्य सिर्फ यही है। 1600 एकड़ में फैले मसानी बैराज में यह पानी छोड़ा जाएगा। इससे पानी जमीन में जाकर रिचार्ज होगा। इससे जल स्तर ऊपर आएगा।
सिंचाई विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। मंगलवार शाम से पानी आना शुरू हो गया है। पहले पीने के पानी की पूर्ति होगी। संभावना है कि 15 जुलाई को मसानी बांध में पानी छोड़ दिया जाए। - प्रवीण दहिया, एसई, सिंचाई विभाग
यह इलाके लिए बहुत ही खुशखबरी है। मसानी बैराज में पानी आने से हमारी धरती का जलस्तर बढ़ेगा। पिछले माह चंडीगढ़ में हुई बैठक मेें इस पर सहमति बनी थी। इससे बहुत लाभ होगा। - रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी
चंडीगढ़ में हुई बैठक इसके लिए निर्णायक रही। हालांकि गत वर्ष भी इस तरह का कार्यक्रम चलाया गया था। लेकिन वही पूरी तरह से फलीभूत नहीं हो सका। इस बार इसे पूरी तरह से चलाया जाएगा। - अभय सिंह, विधायक, नांगल चौधरी