अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के ऐतिहासिक सोलाराही एवं बड़ा तालाब के जीर्णोद्धार में अब केंद्र भी राज्य सरकार की मदद करेगा। केंद्र इसके लिए तकनीकी एवं आर्थिक सहायता करेगा। सोलाराही एवं बड़ा तालाब के ऐतिहासिक महत्व से भी सभी वाकिफ हैं। किसी समय शहर की प्यास बुझाने वालेे ये दोनों तालाब देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। इनके महत्व को देखते हुए पिछले दिनों सामाजिक संगठनों के आह्वान पर इनके जीर्णोद्धार का मसला उठा। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए नौ करोड़ 62 लाख रुपये का एस्टिमेट तैयार कर राज्य सरकार को भिजवाया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा एवं कृषि मंत्री राधा मोहन से भी चर्चा की।
शहर को हो सकता है बड़ा लाभ
अगर इस ऐतिहासिक विरासत का जीर्णोद्धार होता है तो पर्यटन के लिहाज से रेवाड़ी का नाम चमकेगा। वहीं इन बड़े तालाबों में पानी भरने से इनके पानी का उपयोग भी किया जा सकेगा। इसी महत्व को देखते हुए शहर के सामाजिक संगठन कई बार इसके जीर्णोद्धार की मांग उठा चुके हैं। सोला राही सरोवर एवं बड़ा तालाब के जीर्णोद्धार के लिए आठ मार्च को स्थानीय निवासी प्रहलाद सिंह ने जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय को पत्र लिखा था। इसके जवाब में लघु सिंचाई की वरिष्ठ संयुक्त आयुक्त किरण प्रामाणिक ने केंद्र सरकार की ओर से इस मामले में राज्य सरकार को तकनीकी और आर्थिक स्तर पर सहायता देने की बात कही है।
सोलाराही एवं बड़ा तालाब के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए राज्य सरकार को एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। यह पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
डॉ. यश गर्ग, डीसी, रेवाड़ी
हमने इस संबंध में केंद्रीय पर्यटन एवं कृषि मंत्री से भी बातचीत की थी। गत दिनों राज्य के शिक्षामंत्री ने भी इस संबंध में मदद करने का आश्वासन दिया था। -रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी