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ऑपरेशन दुर्गा : अभियान रुकने से असुरक्षित महिलाएं और लड़कियां
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
पुलिस ने मनचलों पर लगाम लगाने के लिए शुरू किया ऑपरेशन दुर्गा को स्कूल और कॉलेज के बंद होते ही बंद कर दिया। कुछ दिन पहले जिले में आए डीजीपी ने भी अभियान धीमे होने की बात स्वीकार की थी। यूं लगता है जैसे शिक्षण संस्थानों के आसपास ही मनचले इकट्ठे होते हैं, जो इनके बंद होते ही अभियान को भी विराम दे दिया गया। अमर उजाला की टीम ने कुछ युवतियों से बात की तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शहर में वे वाकई खुद को कई बार असुरक्षित महसूस करती हैं।

ब्रास मार्केट से बावल चौक तक है परेशानी
शिक्षण संस्थान भले ही बंद हैं, लेकिन शहर के कोचिंग इंस्टीट्यूट में लगातार पढ़ाई चल रही है। ऐसे में ऑपरेशन दुर्गा के धीमे होने के चलते मनचले बिल्कुल बेलगाम हो गए हैं। कुतुबपुर निवासी एक 12वीं की छात्रा बताती हैं कि वह ब्रास मार्केट में कोचिंग पढ़ने जाती है। कोचिंग इंस्टीट्यूट से बावल चौक तक ऑटो पकड़ने तक कई युवा और यहां तक कि अधेड़ भी उनको घूरते हैं। शाम ढलने के बाद तो इधर से गुजरने में और भी ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं।
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टकरा कर बोलते हैं सॉरी
शहर के व्यस्त रहने वाले पंजाबी मार्केट और मोती चौक के आसपास के मार्केट के पास मनचलों की काफी भीड़ खड़ी रहती है। बाजार में खरीदारी करने आई एक महिला बताती है कि बाजार में वैसे तो काफी भीड़भाड़ रहती है। कभी-कभार कम भीड़ होने के बावजूद कुछ लोग अंजान बनकर टकरा जाते हैं और इसके बाद सॉरी बोलकर चले जाते हैं। ऐसे में उनसे कुछ कहा भी नहीं जा सकता।

रोडवेज डिपो और रेलवे स्टेशन बना अड्डा
इसके अलावा सबसे ज्यादा मनचलों की भीड़ रोडवेज डिपो पर जमा रहती है। यहां कभी बस का पता करने तो कभी किसी साथी को छोड़ने के बहाने मनचले आते रहते हैं। कारण, शहर से विभिन्न गांवों में जाने के लिए युवतियां और महिलाएं यहीं से आती-जाती हैं। ऐसे में बस स्टैंड और मुख्य बिल्डिंग गेट के पास किसी न किसी बहाने मनचले बैठे देखे जा सकते हैं।

सख्त कार्रवाई से बचती है पुलिस
ऑपरेशन दुर्गा के समय पुलिस की टीमों ने मुख्य रूप से शहर के कॉलेज और स्कूलों के आसपास ऐसे स्थान को चिह्नित किया था जहां जहां छेड़खानी की शिकायतें ज्यादा आती हैं। इस दौरान कुछ एक केस भी सामने आए जिसमें मनचलों को पाबंद किया गया। हकीकत यह रही कि मनचलों पर पाबंदी लगाने से सुधार आना बेहद कठिन है। इनको काबू में करने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है, हालांकि पुलिस युवाओं को सुधरने का अवसर देकर मुकदमा दर्ज करने से बचती है, ताकि मुकदमेबाजी में पड़कर उनका करियर न खराब हो।
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अकेलेपन का फायदा उठा किया था गैंगरेप
तीन दिन पहले ही महिला थाने में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें पीड़िता के भाई ने बताया था कि जागरण से लौट रही उसकी बहन को दो युवकों ने अगवा कर लिया था। इसके बाद गांव के पास ही खेत में ले जाकर उसके साथ पूरी रात दुराचार किया था। इससे साफ है कि शहर में महिलाएं किसी भी सूरत में सुरक्षित नहीं हैं। हालांकि पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

शहर में लॉ एंड ऑर्डर को मेनटेन करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। किन्हीं कारणों से धीरे चल रहे ऑपरेशन दुर्गा को भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
- संगीता कालिया, एसपी, जिला रेवाड़ी
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