अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। विवादों में फंसी वैश्य संस्था का मामला शांत होता नहीं दिख रहा। आरओ विजय गुप्ता के इस्तीफा देने के बाद नया आरओ नियुक्त कर दिया गया है। वहीं प्रधान राजेंद्र बंसल द्वारा कराए गए मुकदमे को विजय गुप्ता ने झूठा करार दिया। शनिवार को वैश्य स्कूल में प्रेस कांफ्रेंस कर विजय गुप्ता ने कहा कि प्रधान ने साजिश के तहत सत्ता के दबाव में यह मुकदमा दर्ज कराया है। मेरी शिकायत पर प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और मेरे ही खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। न्याय की मांग को लेकर अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
आरओ विजय गुप्ता ने कहा कि चुनाव में पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए मैंने निर्वाचन मंडल को अपना इस्तीफा दे दिया है। इसकी कॉपी जिला रजिस्ट्रार को भी भेज दी गई। शुक्रवार रात बुलाई गई आपात बैठक में निर्णय लिया गया कि आरओ के पद पर अब एडवोकेट ओमप्रकाश गुप्ता को लगाया जाएगा। जब तक जिला रजिस्ट्रार इस पर मुहर नहीं लगाते तब तक मैं ही आरओ का दायित्व निभाऊंगा। कहा कि प्रधान राजेंद्र बंसल ने अपने बेटे के नामांकन पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर किए थे। इसके प्रमाण मेरे पास हैं। पुलिस में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही। प्रधान ने आरोप लगाया है कि 12 जून को मैंने फोन कर उनके भाई अजय बंसल के माध्यम से उन्हें धमकी दी। यह सरासर गलत है। 11 जून को मेरा ऑपरेशन हुआ था और ऑपरेशन के अगले ही दिन मैं फोन करने की स्थिति में भी नहीं था। प्रधान आरोप लगा रहे हैं कि मैंने फोन किया है तो इतने दिन से चुप क्यों थे। खुद की गर्दन फंसती देख क्यों झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया? अब न्याय की मांग को लेकर कोर्ट की शरण ली जाएगी। कहा कि संस्था के हित की बजाय प्रधान अपना स्वार्थ पूरा करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि संस्था में प्रशासक बैठ जाए। ऐसा नहीं होगा और दो जुलाई का चुनाव हर हाल में होगा।
यह भी लगाए आरोप
विजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव को लेकर प्रधान बार-बार बांधा पैदा कर रहे हैं। कभी स्टाफ की चुनाव ड्यूटी रोकी गई तो कभी रात के समय गवर्निंग बॉडी की बैठक की मिनट्स चोरी कर ली गई। इसके अलावा नियमों को ताक पर रखते हुए अपने चेहतों को पार्क एवं पौधे लगाने के लिए बिना कुटेशन के 11 लाख रुपये में ठेका दे दिया गया। इससे संस्था को नुकसान उठाना पड़ रहा है। गलत तरीके से कई कर्मचारियों को हटाया गया। कई कॉलेजों के प्राचार्य अनियमितताओं में लिप्त है, जो प्रधान के चेहते हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
दीपक गोयल की सदस्यता बहाल
गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रधान ने दीपक गोयल की सदस्यता बहाली को लेकर भी सवाल खड़े किए थे, लेकिन शनिवार को जिला रजिस्ट्रार की तरफ से दीपक गोयल की बहाली के आदेश जारी कर दिए गए। प्रधान जान-बूझकर संस्था को बदनाम करना चाहते हैं।
वर्जन
नए आरओ को लगाने के लिए संस्था की तरफ से ई-मेल आई है। फिलहाल अवकाश के कारण कार्यालय बंद है। इस पूरे मामले से स्टेट रजिस्ट्रार को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद एक्ट के अनुसार ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
- राजेश खेड़ा, सोसायटी रजिस्ट्रार।
मैं सच के लिए लड़ाई लड़ रहा हूं। संस्था का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि है। गुप्ता क्या चाहते हैं मुझे नहीं पता, लेकिन संस्था के हित के लिए जो भी संभव होगा वह किया जाएगा।
- राजेंद्र बंसल, प्रधान, वैश्य संस्था।