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प्री मानसून: मलेरिया फैला रहा पैर, विभाग निष्क्रिय
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
प्री मानसून में ही मलेरिया ने जिले में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। उप नागरिक अस्पताल में 15 दिन के उपरांत वीरवार को एक और किशोर में मलेरिया की पुष्टि हुई है। मलेरिया की पुष्टि होने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक सोया है। एक तरफ विभाग कहता है कि लोगों को जागरूक किया जाएगा वहीं दूसरी तरफ मच्छरों को मारने के लिए अभी तक एक बार भी फोगिंग नहीं हुई है।
गांव झगड़ौली निवासी राहुल पुत्र धर्मपाल पांच दिन से बुखार से पीड़ित है। उसका चार दिन से उप नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। बुधवार को उसके खून की जांच करवाई गई। रिपोर्ट में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। चिकित्सक जितेंद्र चौधरी ने उसका इलाज शुरू कर दिया है। अभी वह अस्पताल में ही भर्ती है। राहुल के परिजन गांव में कुओं के आसपास रहते हैं। उसके अनुसार मकान की रिपयेरिंग करवाई गई है इससे घर में मच्छर पैदा हो गए हैं।
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फोगिंग करवाने की मांग
एक पखवाड़े से क्षेत्र में बारिश हो रही है। बारिश के कारण मुख्य रास्तों और गड्ढों में पानी भर गया है। जलभराव के कारण कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है जबकि मानसून की अभी शुरूआत भी नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों ने मच्छरों का प्रकोप बढ़ने को लेकर स्वास्थ्य विभाग से फोगिंग करवाने की मांग की है। मानसून शुरू भी नहीं हुआ है उससे पहले क्षेत्र में मलेरिया ने दस्तक दे दी है। 15 दिनों के दौरान मलेरिया के दो केस सामने आ चुके हैं। इससे पहले महेंद्रगढ़ के मोहल्ला महायचान निवासी उमेश पुत्र आशाराम (17) में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया था। उस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहल्ले में जाकर पानी की टंकी की जांच की थी।

कैसे फैलता है मलेरिया
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया फैलता है। इस मच्छर के खून में परजीवी बैक्टीरिया होते हैं। जब यह हमें काटते हैं तो ये परजीवी लार से शरीर में पहुंच जाते हैं। यह अपना काम शुरू कर देते हैं। धीरे-धीरे शरीर में इनकी संख्या बढ़ जाती है जिससे मलेरिया हो जाता है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले परजीवी लीवर पर हमला करता है।

यह हैं मलेरिया के लक्षण
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मलेरिया होने पर बुखार तेजी से आता है। इस दौरान मरीज को ठंड लगती है और शरीर कांपने लगता है। मरीज का सिर दर्द होने लगता है। यह दर्द बढ़ता जाता है। मलेरिया होने पर जी मिचलाने लगता है और उल्टी होने लगती है। इसके अलावा आंखें लाल हो जाती हैं। शरीर थकान से भर जाता है। लापरवाही बरतने पर मरीज की मौत तक हो सकती है।
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मलेरिया से ऐसे करें बचाव
घर के आसपास बारिश का पानी नहीं खड़े रहने देना चाहिए।
पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए।
घर की छतों पर टायर या फिर कबाड़ नहीं डालना चाहिए। इनमें बारिश का पानी भर जाता है जिससे मच्छर पैदा होते हैं।
रात को बाहर सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।
घर के आसपास नालियों में डीडीटी या अन्य दवाई डालनी चाहिए।
बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकों के पास जाकर इलाज करवाना चाहिए।

अस्पताल में मलेरिया का केस सामने आया है। बुधवार को उसके खून की जांच करवाई गई थी जिसकी रिपोर्ट वीरवार को आ चुकी है। उसमें मलेरिया पॉजिटिव आया है। मरीज का इलाज शुरू कर दिया गया है। -डॉ. जितेंद्र एमओ. उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।
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