पुलिस कर्मी बन स्वर्णकार के कारिंदे से दस तोला सोना ठगी का पांचवां मामला सामने आया है। शहर के अग्रसेन चौक के पास कारिंदे को डीएसपी के बुलावे के बहाने ठग बैग से जेवर व नकदी ले उड़े। कारिंदा सांपला से सोने के जेवर साफ कराने लगाया था। स्वर्णकारों ने इस मामले को लेकर कार्रवाई की आवाज उठाई तो पुलिस घंटों सीमा विवाद में उलझी नजर आई। समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हुआ था।
रेलवे रोड पर सौरभ ने कहा कि वह सांपला के एक स्वर्णकार के पास काम करता है। यहां वह सोने के जेवर साफ कराने आया था। अग्रसेन चौक पर दो युवक खुद को पुलिस कर्मचारी बताते हुए अपना वर्दी वाला आई कार्ड दिखाया। सादे कपड़ों में आए हट्टे-कट्टे लोगों ने कहा कि नकली माल बेचता है। चल, डीएसपी साहब बुला रहे हैं। वे मुझे एक ओर ले जाकर बैग जांचने लगे। उनकी इस हरकत से मैं काफी डर गया था। जांच के बाद युवक ने बैग वापस दे दिया। वह बैग चेक करता उससे पहले वे निकल गए। दुकान पर पहुंच कर बैग देखा तो वह खाली था। इसमें रखे जेवर गायब थे। इस पर दौड़ते हुए रेलवे स्टेशन के बाहर टिकट खिड़की के पास आया। यहां कोई नहीं मिला। मेरे जेवर ठग कर युवक जा चुके थे।
पुलिस से हुई तीखी नोक झोंक
ठगी का पता लगने पर पीड़ित ने रेलवे रोड के स्वर्णकारों को घटना से अवगत कराया। इसके बाद सभी स्वर्णकार इकट्ठा हुए और मामले कार्रवाई की आवाज उठाई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल जीआरपी का बताया तो जीआरपी ने इलाका शहर थाना पुलिस के तहत बताया। दोनों की पुलिस थानों के बीच पीड़ित व स्वर्णकार उलझे रहे। इससे आहत स्वर्णकारों की पुलिस से कहासुनी हो गई। दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
सीसीटीवी में कैद हुए ठग
स्वर्णकारों का कहना है कि ठगी का यह मामला पहला नहीं है। इससे पहले भी चार बार वारदात हो चुकी है। हेमंत वर्मा, सुनील वर्मा, शामू सोनी व अमित के साथ ठग इसी तरह की वारदात को अंजाम देने के इरादे से आए थे। इनमें से हेमंत वर्मा व शामू सोनी अपनी समझदारी से बच गए। उनके बैग में कुछ नहीं मिला। वीरवार को कारिंदा उनके जाल में फंस गया। इन ठगों की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस इनके आधार पर ठगों तक पहुंच सकते हैं।
अग्रसेन चौक पर एक युवक से ठगी का मामला सामने आया है। यह इलाका उनका नहीं है। चौराहे से स्टेशन तक का इलाका जीआरपी के तहत आता है। वहीं इस मामले में कार्रवाई करेंगे। -निरीक्षक देशराज, प्रभारी, शहर थाना।
जीआरपी थाना इलाके में ठगी का मामला सामने नहीं आया है। इस संबंध में किसी तरह की लिखित शिकायत भी नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। -देवेंद्र कुमार, प्रभारी, जीआरपी थाना।