गांव भाड़ावास में घरों की छत पर लगी रेलिंग के नजदीक से गुजर रहे नंगे तार।
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रेवाड़ी। शहर के कुतुबपुर स्थित सैनी मोहल्ला में वीरवार सुबह निर्माणाधीन मकान की छत पर कार्य कर रहा मजदूर व मकान मालिक का साला हाईटेंशन तारों की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। जिसमें एक युवक की मौत हो गई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार कुतुबपुर के सैनी मोहल्ला निवासी सतीश ने अपने मकान का निर्माण कार्य शुरू कराया है। वीरवार सुबह मकान मालिक का साला राजस्थान के अलवर जिले के गांव मांढण निवासी करीब 29 वर्षीय पवन व एक मजदूर निर्माणाधीन मकान की छत पर कार्य कर रहे थे। बताया जा रहा कि मजदूर के हाथ में कोई लोहे की चीज थी, जो मकान के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तारों को छू गई। रॉड में करंट आने से दोनों बुरी तरह से झुलस गए। परिजनों ने दोनों को गंभीर अवस्था में ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने पवन को मृत घोषित कर दिया। वहीं मजदूर की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। रामपुरा थाना पुलिस ने सामान्य कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
घरों के ऊपर से गुजर रहे तार बन रहे हादसों का कारण
बता दें कि जिले के गांवों व शहरी क्षेत्रों में कई स्थानों हाईटेंशन तार घरों की छतों के ऊपर से गुजर रहे हैं। जिसकी चपेट में आने से जिले में अभी तक 15 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। घरों की छतों के ऊपर से गुजर रहे तारों को हटवाने के लिए कई बार लोगों ने प्रदर्शन भी किए हैं। उसके बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
15 दिन में 5 राष्ट्रीय पक्षियों की मौत
गांव भाड़ावास के पुराना मोहल्ले में 15 दिन में पांच राष्ट्रीय पक्षी मोर की बिजली के तारों की चपेट में आने से मौत हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की तारों पर बैठने के दौरान 16, 19, 23, 25 व 29 जुलाई को बिजली की चपेट में आने से मौत हो चुकी हैं। ग्रामीण राकेश ने बताया कि घरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों पर बैठने से करीब 15 मोरों की मौत हो चुकी है। कई बार बिजली निगम के अधिकारियों व अन्य अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने बताया कि यहां हर वक्त बड़ा हादसा होने का भी डर बना रहता है।