रेवाड़ी। आर्य समाज जाडरा के तत्वावधान में चल रहे योग और चरित्र निर्माण शिविर के चौथे दिन प्रतिभागियों ने प्रात:कालीन सत्र में योगाभ्यास किया। आचार्य यशदेव नैष्ठिक ने प्रतिभागियों को योग के महत्व पर जानकारी दी। कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, विचार और चरित्र को भी सकारात्मक दिशा देता है।
नियमित योगाभ्यास से जीवन में अनुशासन और आत्मसंयम विकसित होता है।कार्यक्रम में राजसिंह और जसवंत कुमार आर्य भी उपस्थित रहे और उन्होंने युवाओं को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। थानेदार सुभाष मदनलाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। संवाद