रेवाड़ी। आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने उन सभी करदाताओं को नोटिस देने के आदेश दिए हैं, जिनकी रिकवरी बकाया है। साथ ही नोटिस के माध्यम से हिदायत भी दी जाएगी, ताकि करदाता ओटीएस 2 के तहत अपना आवेदन प्रस्तुत करें। करदाताओं को नोटिस में वास्तविक बकाया राशि से अवगत कराए जाने को भी कहा है।
इससे करदाताओं को यह जानकारी मिल पाएगी कि कितनी राशि बकाया है और उसे कब तक देना है। जिले में अनुमानित ऐसे करीब 4 हजार के आसपास करदाता हैं। आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने इसे लेकर 7 विभिन्न अधिनियमों के तहत बकाया राशि के एकमुश्त निपटान योजना के संबंध में एक बैठक भी बुलाई। इस दौरान विभिन्न व्यापार संगठनों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों, कर बार एसोसिएशन, सीए, लेखाकारों और विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को ओटीएस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बार प्रतिनिधियों की ओटीएस 2 से संबंधित विभिन्न प्रश्नों का जवाब दिया, जिससे लोग संतुष्ट नजर आए। बैठक के दौरान आबकारी व कराधान आयुक्त, हरियाणा ने विभाग की माल एवं सेवा कर और आबकारी शाखा के कार्य की समीक्षा की।
व्यापारियों की समस्या दूर करने का दिया आश्वासन
सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह को व्यापारिक समुदाय ने अपने दिन प्रतिदिन के व्यावसायिक अनुभवों को साझा किया। आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने उन सभी मुद्दों के निवारण का आश्वासन दिया। कुछ मुद्दों को जीएसटी काउंसिल के सामने उठाने का आश्वासन दिया। आबकारी व कराधान आयुक्त, हरियाणा ने विभाग की माल एवं सेवा कर और आबकारी शाखा के कार्य की समीक्षा की। आबकारी व कराधान आयुक्त ने कर भवन रेवाड़ी में एक पौधा भी लगाया।
जीएसटी देने वाले करीब 15 हजार व्यापारी
जिले में सरकार को जीएसटी देने वाले कुल 15 हजार के आसपास व्यापारी हैं। करीब 9000 से 9200 व्यापारी राज्य सरकार और 5800 से 6000 व्यापारी केंद्र सरकार को जीएसटी अदा करते हैं। प्रति महीने 280 से 300 करोड़ रुपये की जीएसटी सरकार को जिले के व्यापारी देते हैं। सालाना करीब 3000 (केंद्र व राज्य सरकार) करोड़ के आसपास की जीएसटी सरकार को जाती है।
जीएसटी सुविधा केंद्र की सहायता लें करदाता : प्रीति
उप आबकारी व कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने बताया कि रेवाड़ी जिला कार्यालय में स्थापित जीएसटी सुविधा केंद्र विशेष रूप से बनाया गया है। किसी भी समस्या के निदान के लिए किसी भी करदाता द्वारा संपर्क किया जा सकता है। करदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्हें जो भी जानकारी चाहिए, उनको आसानी से मिलेगी। केंद्र में व्यापारियों और उद्यमियों के लिए रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइल, टैक्स भुगतान और जीएसटी कानून से संबंधित परामर्श जैसे कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बकाया कर स्लैबछूटबकाया व्यवस्थापन राशिब्याज व्यवस्थापन राशिव्यवस्थापन राशि
10 लाख रुपये तक 1लाख 40%0%0%
10 लाख से 10 करोड तक 050%0%0%
10 करोड़ से अधिक0100%0%0%