रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल को ट्रामा सेंटर से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज में लिफ्ट लगाने का कार्य चार महीने बाद शुरू कर दिया गया है। एफओबी का बाकी कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। एफओबी में लिफ्ट लगने के बाद नागरिकों के लिए ट्रामा सेंटर से नागरिक अस्पताल का सफर सुगम हो जाएगा।
फुट ओवरब्रिज में लिफ्ट के खाके पहले ही तैयार हो चुके हैं। अब लिफ्ट लगाने का कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की इलेक्ट्रिक विंग की ओर से किया जा रहा है। एफओबी के लिए लिफ्ट की सामग्री पहले ही आ चुकी थी। लिफ्ट लगने के बाद लोगों को एफओबी की पूर्णतया सुविधा मिल जाएगी। एफओबी का कार्य मई-2023 में पूरा होना था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से एफओबी कार्य पूरा करने में तत्परता नहीं दिखाई गई। जिस वजह से कार्य लंबा खींचता जा रहा है।
सड़क स्ट्रेचर ले जाने की दूर होगी दिक्कत
एफओबी के बनने से ट्रामा सेंटर से नागरिक अस्पताल तक आवागमन के लिए पैदल पथ पार तो शुरू हो चुका है, लेकिन लिफ्ट तैयार नहीं होने से अभी भी मरीजों को सर्कुलर रोड से स्ट्रेचर पर ले जाया जा रहा है। लोग चार महीने से एफओबी में लिफ्ट लगने का इंतजार कर रहे है। 2023 फरवरी माह में स्ट्रक्चर जोड़ने के बाद सीढ़ियां व टीनशैड का कार्य किया गया था। एफओबी के दोनों ओर सुरक्षा के लिए जालियां भी लगाई जा चुकी है।
लिफ्ट से शिफ्ट हो सकेंगे मरीज
एफओबी पर चढ़ने के लिए ट्रामा सेंटर व नागरिक अस्पताल के दोनों ओर बनी दो-दो लिफ्ट में एक लिफ्ट से स्ट्रेचर से मरीजों को शिफ्ट किया जाएगा तथा दूसरी लिफ्ट दिव्यांगों व अन्य मरीजों के लिए रहेगी। बाकी लोग सीढियों का इस्तेमाल करके ट्रामा सेंटर व नागरिक अस्पताल में आवागमन कर सकते हैं। 2019 में फुट ओवरब्रिज को मंजूरी मिली थी। अस्पताल और ट्रामा सेंटर के बीच शहर का प्रमुख सर्कुलर रोड पड़ता है। ट्रामा सेंटर में उपचार के बाद भर्ती करने के लिए मरीजों को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ता है। मौत होने की स्थिति में शवों को भी ट्रामा सेंटर से अस्पताल ले जाया जाता है।
वर्जन:
लिफ्ट कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से एफओबी में लिफ्ट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कार्य के जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। लिफ्ट कार्य पूरा होने पर मरीजों को ट्रामा से नागरिक अस्पताल में आने की सुविधा मिल जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र यादव, सीएमओ रेवाड़ी।
रेवाड़ी। एफओबी में लिफ्ट का किया जा रहा निर्माण। संवाद