रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन में पूर्व प्रधान सहित 6 सदस्यों की सदस्यता रद्द करने के मामले में बार कौंसिल ने आदेश जारी किए हैं। मामले का निपटारा करने के लिए बार कौंसिल की ओर से आठ वरिष्ठ अधिवक्ताओं की कमेटी गठित की गई है। यह सभी अधिवक्ता दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद मामले का निपटारा करेंगे।
जिला बार एसोसिएशन की वर्तमान कार्यकारिणी ने एसोसिएशन के छह अधिवक्ताओं की सदस्यता रद्द कर दी थी। इसमें पूर्व प्रधान शमशेर यादव भी शामिल थे, यह मामला बार कौंसिल पंजाब एवं हरियाणा में पहुंचा था। जहां सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से अपनी बात रखने के बाद इसे रेवाड़ी बार एसोसिएशन के आठ सीनियर अधिवक्ताओं को निपटारा करने के लिए भेजा गया है। इस मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं, कि यह सभी सीनियर अधिवक्ता आपस में बैठकर मामले का निपटारा करेंगे। वकीलों की एकता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इसका आपसी निपटारा किया जाना है। जिसके लिए उन्हें आगामी तारीख 20 मार्च तक अपना लिखित निर्णय बार कौंसिल को प्रेषित करना होगा।
8 फरवरी को जिला बार एसोसिएशन के आदेश पर लगी थी रोक
गौरतलब है कि वर्तमान प्रधान विश्वामित्र यादव ने 31 जनवरी को होने वाली बैठक के दौरान अभद्र व्यवहार करने के कारण 6 सदस्यों की जिला बार एसोसिएशन की सदस्यता रद्द कर दी थी। जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवेश हरित, शमशेर यादव, परवीन, बाबूलाल खोला, आकाश यादव व देवेंद्र यादव शामिल थे। इन सभी सदस्यों ने एसोसिएशन के आदेश के खिलाफ बार कौंसिल पंजाब एवं हरियाणा में अपील दायर की थी जिसमें 8 फरवरी को एसोसिएशन के आदेश पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन 8 फरवरी को ही इन सभी सदस्यों की सदस्यता वर्तमान प्रधान व कार्यकारिणी ने रद्द कर दी थी। वहीं, सदस्यता रद्द करने पर वकीलों ने कहा था कि बार प्रधान द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
इन अधिवक्ताओं की मिली जांच की जिम्मेदारी
जनार्दन शर्मा
केआर खुराना
केहर सिंह
राजेंद्र सिंह
चरण सिंह शिवाच
बुद्धि प्रकाश यादव
रघुवीर सिंह
एसएल गुप्ता