रेवाड़ी। जिले की महिलाओं ने राज्य के बजट में सुरक्षा, कार्यस्थल पर सुविधाएं और रोजगार के अवसर के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि जबतक महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए विशेष पहल नहीं की जाएगी तबतक महिला सशक्तीकरण नहीं हो सकता है।
महिलाओं का मानना है कि यदि बजट में उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं को प्राथमिकता दी गई तो यह प्रदेश के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
महिलाओं ने कहा कि बजट में महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थल पर सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
गृहिणियों की अपेक्षाएं भी बजट को लेकर कम नहीं हैं। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज न होकर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तिकरण का माध्यम बने।
कहा कि सरकार उनके सुझावों को शामिल करती है तो हमारा बजट–हमारी राय का सपना सच साबित होगा और हरियाणा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई मिसाल कायम करेगा।
महंगाई सबसे बड़ी समस्या है। रसोई गैस, खाद्य पदार्थ, बिजली और पानी पर सब्सिडी बढ़ाई जानी चाहिए। इससे महिलाओं को काफी लाभ मिलेगा।-दीप्ति, बारा हजारी।
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महिलाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और रोजगार बढ़ाने वाली योजनाओं पर बजट में ज्यादा फोकस होना चाहिए ताकि बेटियां आत्मनिर्भर बन सकें।-रूबी, कुतुबपुर।
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महिलाओं के लिए पेंशन और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं बढ़ाई जानी चाहिए ताकि बुढ़ापे में किसी प्रकार की समस्या ना हो।-
कमला देवी, न्यू आदर्श नगर।
मातृत्व अवकाश और काम के बाद परिवार को समय देने के लिए नीतियां और बेहतर होनी चाहिए। वर्क-लाइफ बैलेंस पर बजट में ध्यान दिया जाए।-रेनू मेहरा, एकता सोसाइटी।