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महिलाएं समाज में पुरुषों के समान, गलत बर्दाश्त न करें : वर्षा जैन

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रेवाड़ी। लड़कियां तो अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, लेकिन अब लड़कों को जागरूक करने की आवश्यकता है। महिलाएं समाज में पुरुषों के समान हैं, लेकिन वह भी अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल न करें और न ही गलत सहन करें। यह बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और सीजेएम वर्षा जैन ने कही। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को शहर के सेक्टर 18 स्थित देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले राजकीय कन्या महाविद्यालय में अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिला सशक्तीकरण समेत तमाम मुद्दों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का आयोजन इंडेप्थ विजन फाउंडेशन, सेवा ट्रस्ट यू के इंडिया, हमारा परिवार संस्था और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से किया गया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीजेएम कम डालसा सचिव वर्षा जैन ने कहा कि उनके पास बहुत से मामले आते हैं, जिनमें से 90 फीसदी शिकायतों में दर्ज तथ्य विचारों की उपज होते हैं। जबकि असलियत कुछ अलग होती है। उन्होंने छात्राओं को बेटियों कहकर अपनत्व का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि किसी पुरुष दोस्त को पसंद करना या प्रेम करना गलत नहीं है, लेकिन लड़कियों को यह जरूर तय करना होगा कि क्या यह केवल आकर्षण तो नहीं। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा है कि लड़के लड़कियों का इस्तेमाल करके बाद में शादी से इंकार कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसे मामले में लड़कियां शिकायत करती हैं तो निश्चित तौर पर अगर वह लड़का बालिग है तो उसे जेल भेजा जाता है और उसे जमानत तक नहीं मिलती, लेकिन उस लड़की को भी मजबूरन सुधार गृह में रहना पड़ता है। प्रेम के चक्कर में लड़कियां घर छोड़ देती हैं, लेकिन उसके बाद उनको परेशानी के अलावा कुछ हासिल नहीं होता। उन्होंने कहा कि ऐसी बेटियां घर से दूर हो जाती हैं और समाज से अलग-थलग पड़ जाती हैं। संविधान ने महिलाओं को अधिकार दिए गए हैं, लेकिन हमें कर्त्तव्य भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मेरी नजर में वे लड़कियां बहादुर हैं, जो दूसरे की आवाज उठाती हैं।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य शोभा यादव ने कहा कि महिलाएं किसी भी सूरत में किसी से कमजोर नहीं हैं। सबलता ही हमारी पहचान है। उन्होंने बालिकाओं को सामाजिक तौर पर निर्णय खुद लेने के लिए काबिल बनने का आह्वान किया। जीवन में उचित मुकाम हासिल करने के लिए ज्ञान जरूरी है। और अगर आप योग्य बन गए तो मान-सम्मान खुद आपको मिलेगा। चिकित्सक पूनम यादव ने शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर अपने विचार रखे। कहा कि समाज में उच्च मुकाम हासिल करने वाली महिलाओं को लेकर कहा कि कोई बड़े घर से नहीं आया, सब यहीं से उठकर अपनी मंजिल तक पहुंचीं हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्ष और कॉलेज प्राचार्य शोभा यादव ने कहा कि छात्राओं की सुविधा के लिए कमेटियां बनाई हैं। छात्राओं को कोई भी समस्या आती है चाहेे वह किसी भी प्रकार की हो। वह अपने अभिभावकों व प्राचार्य को अवश्य बताएं। ताकि उस मामलेे का समय रहते समाधान किया जा सके। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता यशपाल शर्मा ने जीरो एफआईआर से लेकर महिलाओं को मिलने वाले मुआवजे, पॉक्सो एक्ट, संपत्ति अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता हासिल करने का अधिकार समेत आधा दर्जन से अधिक मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कोई भी लड़की या महिला किसी भी जगह किसी घटना या अपराध का शिकार होने के बाद अपनी शिकायत किसी भी जगह दर्ज करा सकती है। इसे जीरो एफआईआर कहा जाता है। अगर कोई परिवार किसी महिला का भरण पोषण नहीं करता तो वह शिकायत कर सकती है।
सामाजिक संस्था हमारा परिवार के अध्यक्ष दिनेश कपूर ने विनेश फौगाट और मेरीकॉम की उपलब्धियों को लेकर कहा कि अगर जीत का सपना लेकर जिएंगे तो जीत जीत जरूर होगी। कालेज का जीवन नए बदलाव लेकर आता है। सकारात्मक बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बहादुर बेटियों ने समाज को बदला है। कार्यक्रम में उप प्राचार्य डॉ. ज्योति यादव, सह आचार्य डॉ रीना यादव, कानूनी सहायता प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. दलबीर सिंह यादव, महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. राजेश कुमारी, महिला प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ. स्वाति, डॉ. शिवानी, डॉ. रेखा गर्ग, डॉ. अनीता और मोनिका के अलावा हरीश शर्मा, डॉ. कविता सैनी, डॉ. निशा यादव, डॉ. दीपक, डॉ. सुचेता आदि उपस्थित रहीं। उधर जिला प्रशासन की ओर से डीआईपीआरओ दिनेश शर्मा और एपीआरओ सुरेश गुप्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इनके साथ सामाजिक संस्था हमारा परिवार की ओर से प्रवीण ठाकुर और अरुण गुप्ता ने भी अतिथियों के स्वागत एवं स्मृति चिन्ह वितरण में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में महाविद्यालय की एनएसएस और रेडक्रॉस टीम की स्वयं सेविकाओं ने भी अपनी भूमिका निभाई। अंत में अमर उजाला फाउंडेशन और कार्यक्रम की सहयोगी संस्थाओं ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं कार्यक्रम अध्यक्ष को स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया।
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