रेवाड़ी। जिले के राजकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 1 जनवरी से शीतकालीन अवकाश जारी था। जिले में कड़ाके की ठंड और मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने शीतकालीन अवकाश को अब 17 जनवरी तक बढ़ा दिया है।
18 जनवरी रविवार होने के कारण सभी विद्यालय 19 जनवरी से खुलेंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने जिले के सभी विद्यालयों को पत्र जारी कर सूचित किया है ताकि विद्यार्थियों और अध्यापकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शीतकालीन अवकाश के दौरान सामान्य कक्षाओं का संचालन नहीं होगा।
हालांकि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड और अन्य बोर्डों के नियमों के अनुसार कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यालय में बुलाया जा सकता है। वहीं शिक्षा विभाग ने कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए जारी शीतकालीन अवकाश के दौरान पढ़ाई और गृहकार्य को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित गृहकार्य को दोहराने और उसे समझने पर जोर देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे छात्रों में विषयों के प्रति गहन समझ विकसित होगी और उनके व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि होगी। वहीं कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को भी शीतकालीन छुट्टियों के दौरान अपने-अपने पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति करने की सलाह दी गई है।
विभाग ने कहा कि इससे उनकी आगामी परीक्षा और शैक्षणिक तैयारियों में मजबूती आएगी। शिक्षक और अभिभावकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे बच्चों को इस दौरान नियमित अध्ययन और गृहकार्य में मार्गदर्शन दें। शिक्षा विभाग का उद्देश्य केवल छुट्टियों में आराम देना नहीं बल्कि छात्रों की सीखने की क्षमता और ज्ञान को स्थिर बनाए रखना है। विभाग ने स्पष्ट किया कि यह पहल विद्यार्थियों की समग्र शैक्षणिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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वर्जन :
जिले में ठंड को देखते हुए अवकाश को 17 जनवरी तक कर दिया गया है। जिले के सभी सरकारी और सरकारी सहयोग वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को जो गृहकार्य दिया गया है उसे पूर्ण रूप से करने की आवश्यकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के अध्ययन पर नजर रखें और उन्हें समय पर गृहकार्य पूरा करने में मदद करें।
- बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।