रेवाड़ी। बावल में बिजली वितरण निगम की ओर से 220 केवी आईएमटी पावर हाउस से 132 केवी सब स्टेशन तक ट्रंक फीडर बनाया जाएगा। जिससे कस्बा स्थित 132 केवी सब स्टेशन से कंपनियों व फैक्ट्रियों में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति हो सकेगी। इस ट्रंक फीडर को आपात स्थिति में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
बता दें इस फीडर के निर्माण में करीब चार करोड़ से ज्यादा की लागत आएगी। इसके बाद से औद्योगिक क्षेत्र में बार-बार लगने वाले बिजली कटों से भी निजात मिल जाएगी। बावल स्थित कंपनियों व फैक्ट्रियों में लाइट की काफी आवश्यकता पड़ती है। बिना बिजली के कंपनियों व फैक्ट्रियों को चलाना संभव नहीं है। फिलहाल वहां आईएमटी पावर हाउस से सब स्टेशन तक मात्र एक ही फीडर है। ऐसे में इस फीडर में किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न होती है तो सारी कंपनियां अथवा फैक्ट्रियां अचानक बंद हो जाती हैं। जिसके चलते काफी नुकसान होता है। ऐसे में निगम ने अतिरिक्त ट्रंक फीडर लगाने का निर्णय लिया है।
132 केवी सब स्टेशन में 33केवी के लिए है एक ट्रांसफार्मर
आईएमटी बावल स्थित 132 केवी सब स्टेशन से 33 केवी बिजली उत्पन्न करने वाला 50 एमवीए का एक ही ट्रांसफार्मर लगा हुआ है, जिससे एक दर्जन से अधिक कंपनियां अथवा फैक्ट्रियां को बिजली का वितरण किया जाता है। 11 केवी लाइन के लिए 20 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। यहां पर 50 एमवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सकता है। ट्रांसफार्मर में दिक्कत आती है तो यह कंपनियां अथवा फैक्ट्रियां ट्रांसफार्मर ठीक होने तक बंद रहती हैं। समस्या से निपटने के लिए निगम की ओर से 220 केवी आईएमटी पावर हाउस से 132 केवी सब स्टेशन तक ट्रंक फीडर बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल आपात स्थिति में इन औद्योगिक इकाइयों को बिजली वितरण के लिए किया जा सकेगा।
2000 एम्पीयर होगी फीडर की क्षमता
कंपनियों अथवा फैक्ट्रियों की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले इस ट्रंक फीडर की क्षमता 2000 एम्पीयर तक होगी। अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रंक फीडर हाई कैपेसिटी फीडर होगा, जिससे कंपनियों को बिजली आपूर्ति करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि एक सामान्य फीडर की क्षमता 300 से 400 एम्पीयर होती है, जबकि इस ट्रंक फीडर की क्षमता करीब पांच गुना ज्यादा यानी 2000 एम्पीयर है।
132 केवी सब स्टेशन के लिए बनाए जाने वाले ट्रंक फीडर के लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही मई तक इस पर कार्य आरंभ किया जाएगा।
- सोनू यादव, एसडीओ कंस्ट्रक्शन विंग