संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के रेवाड़ी, कोसली और बावल अनाज मंडी में आधी-अधूरी तैयारी के बीच एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की जाएगी। अभी तक मंडियों में पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सोमवार से गेहूं की फसल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। शहर की नई अनाज मंडी में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था नहीं की जा सकी है। मंडी में गेहूं रखने की जगह नहीं है। क्योंकि अनाज मंडी में सरसों का ढेर लगा हुआ है। अगर गेहूं की फसल आती भी है तो इसके लिए जगह कम पड़ सकती है। दूसरी तरफ शहर के अनाज मंडी में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। पेयजल वाले स्थान पर गंदगी है। जबकि मंडी प्रशासन ने कहा था की गेहूं खरीद के लिए मंडी में सभी व्यवस्था की जाएगी। दूसरी तरफ बावल और कोसली की अनाज मंडी में भी गेहूं की फसल की खरीद की जाएगी। वहां पर भी दावा किया गया था कि किसानों के लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त करवा दिया गया है। हालांकि अभी भी पेयजल की व्यवस्था और शौचालय की सफाई नहीं कराई गई है। जिले की तीन अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद होगी। पहले हैफेड गेहूं की खरीद करेगी और उसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से खरीद की जाएगी।
ओलावृष्टि होने से कम होगी गेहूं की आवक
29 मार्च को बारिश में ओलावृष्टि होने की वजह से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक फसल धारूहेड़ा प्रभावित क्षेत्र में हुई है। ऐसे में गेहूं की फसल इन क्षेत्रों से अभी आना काफी मुश्किल है। हालांकि जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि नहीं हुई थी वहां से गेहूं मंडी में आ सकता है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
गेहूं पकने में अभी लगेगा एक हफ्ते का समय
किसान अनुज, मुकेश, सतपाल ने बताया कि अभी गेहूं की फसल पूर्ण रूप से तैयार नहीं हुई है। फसल पकने में करीब एक हफ्ते का समय लग सकता है। ऐसे में एक हफ्ते बाद गेहूं मंडी में किसान लेकर आएंगे। हालांकि कई जगह पर गेहूं की फसल पक चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि आज किसान गेहूं की फसल मंडी में लेंगे। जिले में गेहूं की कटाई नाममात्र ही शुरू हुई है।
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हमारी तरफ से गेहूं की खरीद के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। किसान आएंगे तो उनकी फसल खरीदी जाएगी। -सत्य प्रकाश, डीएमईओ, मार्केट कमेटी