संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में शुक्रवार की शाम अचानक मौसम बदलने के बाद बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। पांच मिनट पर लगातार हुई ओलावृष्टि से सबसे अधिक सरसों की फसल नष्ट हुई है। कहीं-कहीं गेहूं की फसल भी बिछ गई। ओलावृष्टि रुकने के बाद खेत पर पहुंचे किसान नष्ट हुई फसल को देखकर चिंतित हो गए।
जिले में शुक्रवार की सुबह धूप रही। दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई। दिनभर ठंडी हवाएं चलती रही। मौसम में बदलाव के कारण अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। इस दौरान अधिकतम तापमान 24 व न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दो दिन में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में करीब 5 डिग्री तक कमी आई है।
शाम 7 के बाद फिर मौसम खराब हो गया और तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि होने लगी। रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। मौजूदा समय में सरसों और गेहूं की फसल तैयार हो लगभग पक गई है। जिले में सबसे अधिक सरसों की खेती होती है। कहीं कहीं किसानों ने गेहूं की खेती की है। पांच मिनट तक हुई ओलावृष्टि से सरसों और गेंहू की फसल को क्षति पहुंची है। प्रशासन क्षति को लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। ओलावृष्टि बंद होेने के बाद कई किसान रात में खेत पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त फसल को देख कर चिंतित हो उठे।
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शहर में जगह-जगह हुआ जलभराव
बरसात होने की वजह से शहरी क्षेत्र में जलभराव देखने को मिला है। मात्र 15 मिनट तक तेज बरसात हुई थी। 15 मिनट में ही जलभराव हो गया। इससे आने-जाने में भी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जल भराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी पैदल लोगों को हुई। जलभराव से निपटने के लिए प्रशासन लगातार दावा करता है। मगर बरसात के बाद हकीकत हमेशा सामने आ जाती है। शहर के मुख्य मार्ग सर्कुलर रोड पर जलभराव काफी हो गया था।
तीन-चार दिन तक बूंदाबांदी के आसार
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान समय में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय है, जिसके चलते अगले तीन-चार दिनों के दौरान जिले में बूंदाबांदी के साथ हल्की वर्षा होने के आसार हैं। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। अगले एक सप्ताह तक ठंडी हवाएं चलने का सिलसिला जारी रह सकता है।
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स्वास्थ्य पर दें विशेष ध्यान : डॉ. गौरव
तापमान में उतार-चढ़ाव, हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के चलते जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मौसम से जुड़ी बीमारियों से प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन दिनों ओपीडी में वायरल, जुकाम, बुखार, टाइफाइड, खांसी के अलावा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, दमा, अस्थमा, एलर्जी प्रभावित मरीज अधिक बताए जा रहे है। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव ने कहा कि इस प्रकार के मौसम में स्वाभाविक तौर पर वायरस व संक्रमण से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैलती है। लोगों को चाहिए कि वे अपने घर व आसपास सफाई का विशेष ध्यान दें।