कोसली। राजकीय महाविद्यालय में सोमवार को शौर्य दीवार का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक लक्ष्मण सिंह यादव रहे। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार यादव ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है जो उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है।
मुख्य अतिथि विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि इस पुरस्कार की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गई थी, जब भारत गणराज्य घोषित हुआ था। भारत रत्न के बाद सबसे महत्वपूर्ण पुरस्कार समझा जाता है। इससे पहले जब भारतीय सेना ब्रिटिश सेना के तहत कार्य करती थी तो सेना का सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रॉस हुआ करता था। हमें अपने शूर वीरों से प्रेरणा लेनी चाहिए। इन्हीं की बदौलत हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। इस अवसर पर सोमनाथ शर्मा, नायक जदुनाथ सिंह, सेकेंड लेफ्टिनेंट रमा राघोबा राने, सीएचएम पीरु सिंह, लांस नायक करम सिंह, कैप्टन गुरबचन सिंह, मेजर धन सिंह थापा, सूबेदार जोगिंदर सिंह, मेजर शैतान सिंह, हवलदार अब्दुल हमीद, लेफ्टिनेंट कर्नल एबी तारापौर, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह, लास नायक अल्बर्ट इक्का, सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल ,मेजर होशियार सिंह, नायब सूबेदार बाना सिंह, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, योगेंद्र सिंह यादव, राइफल मैन संजय कुमार, कैप्टन विक्रम बत्रा आदि परमवीर चक्र विजेताओं का शौर्य दीवार पर प्रतिस्थापन किया गया।
महाविद्यालय उप प्राचार्य प्रोफेसर विवेक कुमार ने सभी अतिथि गणों का धन्यवाद किया। डॉक्टर लाज कौशल ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम के कन्वीनर संजीव कुमार ने कहा कि वीरों की शहादत हमारे लिए प्रेरणादायक है। कैप्टन सुभाष यादव ,तेजपाल यादव, डॉ. सुचेत यादव, कैप्टन रामफल यादव, सतवीर यादव, राज सिंह यादव, प्रोफेसर सुनील यादव आदि सभी ने अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि में गणित प्रयोगशाला तथा सम्मेलन कक्ष का उद्घाटन किया। उसके बाद अतिथिगणों ने पुस्तकालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर रमेश शर्मा, प्रेम कुमार, दयानंद आर्य, महेंद्र सिंह, प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार, प्रोफेसर नागेश कुमार, मनजीत कुमार, हकीकत कादियान आदि उपस्थित थे।