रेवाड़ी। रेवाड़ी शहर को हर मौसम में पानी के संकट का सामना करना पड़ता है। गर्मी में पानी की कमी तो आम बात है, लेकिन सर्दी के सीजन में भी जल संकट रहने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब 11 दिसंबर सोमवार से एक दिन छोड़कर पानी मिलेगा। नहर में आठ दिसंबर से पानी आना बंद हो गया है। इसलिए पेयजल सप्लाई बरकरार रखने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने राशनिंग शुरू करने का फैसला किया है। अगले साल जनवरी के पहले सप्ताह में नहर में पानी आने की उम्मीद है। इससे पहले स्टोरेज पानी के जरिए ही शहर में पेयजल सप्लाई होगी।
शहर के एक हिस्से को एक दिन तो शेष हिस्से को दूसरे दिन पानी दिया जाएगा। यह सिलसिला नहर में पानी आने तक जारी रहेगा। अब अगले साल 3 जनवरी से जवाहर लाल नेहरू कैनाल में पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में शहर के लोगों को पानी की बचत करनी होगी, जिससे पानी का बड़ा संकट खड़ा न हो सके।
चार साल से संकट बरकरार, अतिरिक्त वाटर टैंक जरूरी
शहर में पेयजल राशनिंग करीब चार साल से चल रही है। नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। यानी 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। 2 साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है। अब 8 दिसंबर को नहरी पानी आना बंद हुआ है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के पास अब इतनी स्टोरेज क्षमता नहीं है कि शहर वासियों को हर दिन पेयजल सप्लाई दी जा सके। इसलिए ही हर माह पेयजल राशनिंग की जाती है। सोमवार को पुराने शहर के भीतर के हिस्से को सप्लाई दी जाएगी तथा मंगलवार को बाहरी हिस्से को पेयजल सप्लाई की जाएगी। सर्दियों में भी शहर वासियों को पेयजल किल्लत झेलनी पड़ेगी। रेवाड़ी में गांव कालाका में 5 और लिसाना में 3 वाटर टैंक हैं। अतिरिक्त वाटर टैंक निर्माण के लिए कई बार योजनाएं प्रस्तावित की गईं, लेकिन अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। शहर में अगर अतिरिक्त वाटर टैंक का निर्माण होता है तो लोगों को पानी की समस्या से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
नहरी पानी पर आधारित है आपूर्ति, वाटर टैंकों से 15 से 20 दिन हो सकती है सप्लाई
शहर में नहरी पानी पर पेयजल आपूर्ति आधारित है। नहर के पानी को कालाका और लिसाना में बने वाटर टैंक में स्टोर किया जाता है। वहां से बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से शहर में पानी की आपूर्ति होती है। इस बार मानसून में लोगों को पानी की समस्या से राहत मिली थी। लेकिन अब सर्दी में भी पानी का संकट गहरा गया है। कालाका जलघर में बनाए गए 5 वाटर टैंकों से शहर के 70 फीसदी हिस्से में पेयजल की आपूर्ति होती है। वहीं, लिसाना स्थित जलघर के तीन वाटर टैंकों से 30 फीसदी भाग में पानी सप्लाई होता है। दोनों जलघरों से पूरे शहर को 15 से 20 दिन ही पानी आपूर्ति हो सकती है। अब 8 दिसंबर को नहर में पानी चलना बंद हुआ था और 3 जनवरी को आने की संभावना है। यानि 24 दिन में नहर में पानी पहुंचेगा, जो शहरवासियों के लिए बड़ी दिक्कत है।
वर्जन:
कोट
पानी की राशनिंग सोमवार से शुरू कर दी जाएगी। ऐसा इसलिए ताकि नहरी पानी आने तक पेयजल सप्लाई दी जा सके। नहरी पानी भी तय शेड्यूल से अक्सर देरी से ही आता है। ऐसे में व्यवस्था अभी से बनाकर रखी जानी आवश्यक है। शहरवासियों से अपील है कि पानी को व्यर्थ न बहाएं।
- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी