रेवाड़ी। गर्मी शुरू होने के साथ ही अब शहर में पेयजल संकट शुरू हो जाएगा। सोनीपत के खूबड़ू हेड से नहर में मंगलवार को पानी बंद कर दिया गया। अब बुधवार से पेयजल की राशनिंग शुरू हो जाएगी। जनस्वास्थ्य विभाग एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति शुरू करेगा।
नहर में अब 18 अप्रैल को पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। शेड्यूल के अनुसार नहर में 24 दिन पानी आता है और 16 दिन बंद रहता है। वर्तमान में कालाका में पांच और लिसाना में तीन वाटर टैंक बने हुए हैं। इन्हीं टैंकों में नहरी पानी का भंडारण कर पूरे शहर में आपूर्ति की जाती है।
बढ़ती आबादी और बढ़ती मांग के सामने यह व्यवस्था अपर्याप्त साबित हो रही है। जिले में एक और बड़ा वाटर टैंक बन जाए तो पेयजल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अतिरिक्त स्टोरेज क्षमता होने से नहर बंद रहने के दिनों में भी नियमित आपूर्ति संभव हो सकेगी।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन विनय चौहान ने बताया कि किसी कारणवश पानी नहीं पहुंचे पर घर-घर पानी पहुंचाने की व्यवस्था विभाग के पास नहीं है। राशनिंग के दौरान आपूर्ति के समय लोगों को खुद ही पानी स्टोर करके रखना होगा।
अप्रैल से जुलाई तक रहता है संकट
गर्मी के मौसम को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। अप्रैल से जुलाई तक चार महीने पारंपरिक रूप से जल संकट के माने जाते हैं। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ेगी जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए अभी से ठोस कदम उठाना जरूरी है।
ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन खरीदने के प्रयास जारी
नए वाटर टैंक के निर्माण को लेकर दशकों से योजनाएं बनती रही हैं लेकिन जमीन उपलब्ध न होने के कारण परियोजनाएं सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से भी जमीन खरीदने के प्रयास जारी है। लिसाना में करीब 45 एकड़ जमीन ई-भूमि पर प्रस्तावित की गई है और इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। शहरवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन जल्द स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।
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वर्जन
नहर में पानी आना मंगलवार को बंद हो गया है। इसके कारण बुधवार से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी ताकि सभी क्षेत्रों में न्यूनतम स्तर पर पानी पहुंच सके। जब तक नहर में दोबारा पानी नहीं आएगा, तब तक एक दिन छोड़कर सप्लाई दी जाएगी।- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग