रेवाड़ी। 42 डिग्री पार कर चुके तापमान के बीच शहर के रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों यात्रियों को रोजाना करीब 15 हजार रुपये से अधिक का बोतल बंद पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। स्टेशन पर लगाए गए वाटर कूलर ज्यादा अच्छी स्थिति में नहीं हैं। यदि रेल प्रबंधन इन्हें दुरुस्त करा दे तो कम से कम जरूरतमंद यात्रियों के रुपये बच सकते हैं।
बता दें कि शहर के जंक्शन से हर रोज एक्सप्रेस व साधारण मिलाकर पांच से दस ट्रेनें गुजरती हैं। इन ट्रेनों से हर रोज करीब दो हजार यात्री दिल्ली, गुड़गांव, नारनौल, महेंद्रगढ़, अलवर व अन्य राज्यों से आते-जाते हैं। बस व अन्य साधनों के मुकाबले पैसेंजर ट्रेन का किराया सस्ता होने के चलते अधिकतर जरूरतमंद लोग इन्हीं ट्रेनों से सफर करते हैं, लेकिन कड़ी धूप में स्टेशन पर लगे वाटर कूलर से उबलता पानी निकलने के कारण इनको भी 20 रुपये में पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है। जबकि गंतव्य तक पहुंचने में किराया खरीदें गए पानी से कम होता है।
इस तरह समझिए कितना नुकसान झेलते हैं यात्री
प्लेटफार्म नंबर एक पर दो, 3 पर दो, 4-5 पर एक व 6 पर एक वाटर कूलर लगा हुआ है। स्टेशन पर 6 वाटर कूलर लगे हुए हैं, लेकिन सभी गर्म पानी दे रहे हैं। ऐसे में बोतलबंद पानी का खेल शुरू हो जाता है। बताया जाता है कि एक ट्रेन में 40 से 50 बोतल पानी बेच दी जाती है। गर्मी बढ़ने पर यह संख्या भी बढ़ जाती है। ऐसे में हर रोज दो हजार यात्री पानी की बोतल खरीद रहे हैं। एक बोतल की कीमत 20 रुपये है।