संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जल जीवन मिशन को कामयाब बनाने के लिए अब ग्राम पंचायतों में योग्य और मजबूत ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का ग्राम सभा के माध्यम से गठन किया जाएगा। यह समिति ग्रामीण पेयजल आपूर्ति, रखरखाव एवं संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी।
प्रदेश सरकार के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायतों में 16 सदस्यीय ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का गठन किया जाएगा जिसमें सरपंच के अलावा तीन पंच, स्वयं सहायता समूह की सदस्य , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, महिला मंडल की नाम प्रधान, युवा संगठन के सदस्य, आजीविका मिशन के सूत्रधार, सेवानिवृत शिक्षक, ग्राम चौकीदार, पंप ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, फीटर, प्लंबर, सेवानिवृत्त सैनिक, नलकूप चालक आदि सदस्य हो सकते हैं। इसके अलावा विकास एवं पंचायत विभाग और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के का जूनियर इंजीनियर भी इसके सदस्य होंगे। ग्राम सचिव समिति का संयोजक होगा।
समिति का कार्य ग्राम स्तर पर जलापूर्ति व सीवरेज संबंधी योजना बनाना, कार्यान्वयन, पर्यवेक्षण, निगरानी, संचालन व रखरखाव व पानी की आपूर्ति प्रदान करने के लिए इंट्रा ग्राम इंफ्रास्ट्रक्चर ट्यूबवेल, कनाल बेस वाटर वर्क्स, बूस्टर्स, पाइप लाइन, वोल्व इत्यादि प्रणालियों से संबंधित कार्य करना रहेगा। इसके अलावा पेयजल की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करवाना, पेयजल का शुल्क इकट्ठा करना, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का बैंक खाता खुलवाकर उसको मेंटेन करना, ग्राम समुदाय में स्वास्थ्य, स्वच्छता व जल संसाधन प्रबंधन सहित जल आपूर्ति और सीवरेज के सभी पहलुओं पर सूचना का प्रसार, जागरूकता पैदा करना तथा शिक्षित करना रहेगा।
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महिलाओं की पचास फीसदी भागीदारी जरूरी
कमेटी में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत जरूरी है। 16 सदस्यों में आठ पुरुष व आठ महिला शामिल रहेंगी। ग्राम पंचायत के सरपंच ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का अध्यक्ष होगा। इस समिति का कार्यकाल पांच वर्ष तक रहेगा। ग्राम पंचायत के भग होने के साथ-साथ सभी सदस्यों की सदस्यता भी भंग हो जाएगी। जिले के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व ग्राम सचिव इस कार्य को प्राथमिकता पर रखकर जल्द से जल्द पूरा करेंगे, इसकी कवायद की जा रही है।
वर्जन
समिति के गठन के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग टीम पंचायतों से संपर्क कर रही है। इससे निश्चित ही गांवों में पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा।- योगेंद्र परमार, जिला सलाहकार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग