रेवाड़ी। गंदे हाथों से तमाम कीटाणुओं, जीवाणुओं के माध्यम से संक्रमण फैलने और तमाम तरह की बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। अगर हाथों को 20 सेकेंड तक साबुन और पानी से धोया जाए तो तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है। यह जानकारी फिजिशियन डॉ. गौरव ने दी।
रोगाणुओं से बचने के लिए लोगों को हाथ स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक करने के लिए 5 मई को विश्व हाथ स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए।
हाथ धोते समय हथेलियों के साथ-साथ उंगलियों के बीच, नाखूनों के नीचे और हाथों के पीछे के हिस्से को भी अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। अगर साबुन और पानी उपलब्ध न हो तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सही समय पर और सही तरीके से हाथ धोना संक्रमण को रोकने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। हाथ हमारे शरीर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला हिस्सा हैं और यही कई तरह के कीटाणुओं के फैलने का मुख्य माध्यम भी बनते हैं।
इस दिवस को मनाने के पीछे मुख्य कारण यह है कि लोग नियमित रूप से हाथ धोने की आदत अपनाएं और संक्रमण से बच सकें। खासकर अस्पतालों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर हाथों की स्वच्छता बेहद जरूरी होती है, क्योंकि यहां संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है।
डॉक्टर मनीष ने बताया कि विश्व हाथ स्वच्छता दिवस हमें याद दिलाता है कि हमें नियमित रूप से हाथ धोना चाहिए। इसके अलावा यह दिवस स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रेरित करता है कि वे मरीजों के इलाज के दौरान हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, ताकि अस्पतालों में संक्रमण को रोका जा सके।
हाथ नहीं धोने से ये रोग होने की होती ही आशंका
फिजिशियन डॉ. गौरव ने बताया कि यदि हम नियमित रूप से हाथ नहीं धोते है तो कई प्रकार की बीमारियां फैल सकती हैं। इनमें दस्त, फूड पॉइजनिंग, सर्दी-जुकाम, फ्लू, टाइफाइड और हेपेटाइटिस ए जैसी बीमारियां शामिल हैं। गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को छूने से बैक्टीरिया और वायरस शरीर में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों में यह खतरा और भी अधिक होता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है।
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