यादव धर्मशाला में आयोजित बैठक में भाग लेते नागरिक। स्त्रोत: नागरिक
रेवाड़ी। शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या और इनके कारण हो रही दुर्घटनाओं को लेकर शनिवार को यादव धर्मशाला में नागरिकों की समीक्षा बैठक की गई। इसमें आवारा पशुओं की समस्या को लेकर 5 सितंबर को प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई।
बैठक की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह एडवोकेट और सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी जसवंत सिंह ने की। संचालन एम्स संघर्ष समिति के अध्यक्ष कैलाशचंद और सेवानिवृत्त ईओ मनोज यादव ने किया।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 5 सितंबर को सुबह 11 बजे नेहरू पार्क में एकत्र होकर सचिवालय तक प्रदर्शन किया जाएगा। मुख्यमंत्री के रेवाड़ी आगमन पर प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात करवाने के लिए उपायुक्त से समय मांगने का भी निर्णय लिया गया।
नागरिकों ने कहा कि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पिछले सप्ताह उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम संतोषजनक नहीं हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि मामले को ठंडा करने के लिए तीन पशुपालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पशु पकड़ने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन के पास शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। बैठक में यह भी सवाल उठाया गया कि नगर परिषद को वर्ष 2026 के बजट में आवारा पशुओं के लिए 34 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
गांवों से शहर में आने वाले आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई। बैठक में आवारा पशुओं के कारण घायल और मृत नागरिकों की सूची तैयार कर मानवाधिकार आयोग के समक्ष याचिका दायर करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा शराब की बोतल पर लगाए जा रहे पांच रुपये के गाय उपकर की राशि और उसके खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई।
यादव धर्मशाला में आयोजित बैठक में भाग लेते नागरिक। स्त्रोत: नागरिक