रेवाड़ी। अहीरवाल की समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक गौरव को संजोने के उद्देश्य से अहीरवाल हेरिटेज की ओर से 21 फरवरी को संगीतमय शाम विरासत-ए-रेवाड़ी का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर रविवार को ऐतिहासिक छतरी समूह, राव पूरन सिंह बाग पर संस्था के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें सभी को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
संस्था की प्रधान प्रियंका यादव ने बताया कि विरासत-ए-रेवाड़ी अपनी तरह का पहला अनूठा कार्यक्रम होगा, जिसमें प्रबुद्ध नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। इसमें लोग रेवाड़ी की ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जान सकेंगे।
24 फरवरी को राव बालकिशन का शहीदी दिवस है, जिसे समर्पित करते हुए 21 फरवरी के कार्यक्रम में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में शहरवासी आमंत्रित हैं। इसमें प्रवेश निशुल्क है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए दर्शकों को पहले वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग करनी होगी। बुकिंग के लिए इच्छुक व्यक्ति अहीरवाल हेरिटेज के फेसबुक या इंस्टाग्राम पेज पर संपर्क कर सकते हैं, जहां उन्हें बुकिंग लिंक और अन्य जानकारी प्राप्त हो जाएगी।
बैठक में समाजसेवी राकेश भार्गव, मुकेश सुल्तानिया, इंजीनियर सचिन, आरके टूरिज्म से राकेश कुमार, सहायक रिसर्च ऑफिसर मंगेश कुमार, अध्यापक दिनेश कुमार, मशहूर चित्रकार अमन कुमार और सहायक प्रोफेसर सुशांत यादव उपस्थित रहे।
कला और विरासत का है अनोखा संगम
300 साल पुरानी राव पूरन सिंह की छतरियों (पिता राजा राव तुलाराम) के प्रांगण में होने वाले इस कार्यक्रम में पुलकित शर्मा और उनका बैंड सरसवाइब सूफी, गजल और भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां देंगे। यह स्थल हरियाणा सरकार द्वारा संरक्षित है और एक स्कूल द्वारा इसकी देखभाल की जा रही है।