जिले में होने वाली लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ महिला संगठनों ने आवाज उठाते हुए सोमवार को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा के खिलाफ पुलिस और प्रशासन से मिलकर कन्या भ्रूण हत्या, यौन हिंसा, घरेलू हिंसा जैसे मामलों में संभव मदद करने की भी अपील की है। इसके साथ ही महिला संगठनों ने गांव के स्तर पर पहल कर खुद महिलाओं से संपर्क करने का फैसला लिया है। महिला संगठन को डीसीएम की मौजूदगी में पहले सीटीएम और फिर डीएसपी हेडक्वार्टर ने भरपूर मदद का आश्वासन दिया है।
कमेटी गठित कर दफ्तरों में यौन हिंसा रोकने की मांग
महिला संगठनों की ओर से ज्ञापन सौंपने वाली सुशीला ने बताया कि कुछ दिन पहले ही अनाज मंडी स्थित एक सरकारी कार्यालय में महिला के साथ दुष्कर्म होने का आरोप वहीं के कर्मचारियों पर लगा था। ऐसे में सरकारी दफ्तर तक सुरक्षित नहीं रहे तो निजी क्षेत्र के दफ्तरों का क्या हाल होगा। महिलाओं ने मांग करते हुए कहा कि सभी कार्यस्थलों पर यौन हिंसा रोकने के लिए कमेटी गठित की जानी चाहिए।
ग्राम सभाओं में सामने आए मामले, हो निराकरण
महिला संगठनों की मांग थी कि हर एक ग्राम सभाओं में संबंधित गांव के लिंगानुपात, महिला विरुद्ध होने वाली हिंसा के मामलों को भी सामने रखा जाए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारी से ग्राम सभा के दौरान ही जवाब तलब कर कार्रवाई के बारे में पता किया जाए। जिससे इस तरह के मामलों को कम किया जा सके। इसके अलावा जिला स्तर पर हर महीने लिंग अनुपात व लिंग आधारित हिंसा के मामलों की समीक्षा की जाए व स्थिति के आधार पर प्रभावी कदम उठाए जाएं।
हेल्पलाइन पर हो त्वरित कार्रवाई, वीडियोग्राफी भी जरूरी
महिलाओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन की ओर से महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 तो जारी कर दिया गया है। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम भी है, लेकिन शिकायत के बावजूद इन नंबरों पर पुलिस त्वरित कार्रवाई नहीं करती है। इसके अलावा महिलाओं की समस्या को हल करने के लिए बनाए गए महिला थाने भी उतने प्रभावी नहीं रहे हैं। ऐसे में इनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
महिला संगठनों का ज्ञापन लेने के साथ ही सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पुलिस महिला सुरक्षा के लिए त्वरित और ठोस एक्शन लेगी।
-गजेंद्र कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर